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अक्षय तृतीया पर बाल विवाह करने वालों की अब खैर नहीं: शाहजहाँपुर DM सख्त, दोषियों को होगी 2 साल की सजा और भारी जुर्माना


[ विशेष जागरूकता / शाहजहाँपुर प्रशासन ]

स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर | 18 अप्रैल, 2026 सच की आवाज वेब न्यूज - सामाजिक सुरक्षा

गामी अक्षय तृतीया के पर्व पर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को रोकने के लिए शाहजहाँपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में कार्यालय जिला प्रोबेशन अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि कानून का उल्लंघन कर बच्चों का विवाह कराने वालों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

सजा और जुर्माना: बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की किशोरी और 21 वर्ष से कम आयु के किशोर का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर 2 वर्ष तक की सजा या 1,00,000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।

हेल्पलाइन टीमें सतर्क: जिलाधिकारी ने महिला कल्याण विभाग, चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 और महिला हेल्प लाइन 181 की टीमों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने पुलिस और संबंधित विभागों को सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुँचकर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।

यहाँ दें सूचना:
यदि आपके आसपास कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो तत्काल इन नंबरों पर सूचित करें:
1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन)
181 (महिला हेल्पलाइन)
112 (पुलिस सहायता)

जिला प्रोबेशन अधिकारी की अपील: गौरव मिश्रा, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूक बनें और बच्चों के भविष्य को अंधकार में ढकेलने से बचाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

"बाल विवाह मुक्त जनपद, हमारा संकल्प - सच की आवाज वेब न्यूज"

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