शाहजहाँपुर। पुवाया तहसील प्रशासन की कथित शिथिलता और किसान विरोधी रवैये के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। आज दिनांक 26 मई 2026 को संगठन की एक अत्यंत आवश्यक और रणनीतिक बैठक जिला अध्यक्ष **भारत सिंह यादव** के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्थानीय प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है। किसान नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी विलेखीय कमान मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आगामी **29 मई 2026** को जनपद की हर एक तहसील में पुवाया के नायब तहसीलदार का पुतला दहन कर उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष भारत सिंह यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विगत 21 तारीख को उप जिलाधिकारी (SDM) पुवाया को विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के निस्तारण हेतु एक विलेखीय ज्ञापन रिसीव कराया गया था। अत्यंत खेद का विषय है कि इतने दिन बीत जाने के उपरान्त भी प्रशासनिक कमान द्वारा अभी तक किसी भी समस्या का धरातल पर समाधान नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस उपेक्षापूर्ण कार्यप्रणाली के कारण किसानों में भारी रोष व्याप्त है, जिसके चलते संगठन आंदोलन की राह पर चलने को विवश हुआ है।
भाकियू (चढूनी) द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिन समस्याओं को लेकर पूर्व में ज्ञापन सौंपा गया था, उन सभी मांगों को इस बार प्रमुखता से उठाया जाएगा। प्रशासन की वादाखिलाफी के विरोध में सभी तहसीलों में कलेक्टिव सर्विलांस के तहत धरना-प्रदर्शन आयोजित कर पुतला दहन की विलेखीय रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
| 📅 महत्वपूर्ण तिथियां एवं प्रशासनिक घटनाक्रम | ⚙️ प्रदर्शन का स्वरूप एवं कमान दायरा |
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• 21 मई 2026: उप जिलाधिकारी पुवाया को आधिकारिक समस्याओं का ज्ञापन सौंपा गया था। • 29 मई 2026: जिले की समस्त तहसीलों में व्यापक स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम का कड़ा निर्णय। |
• कलेक्टिव विरोध: पुवाया नायब तहसीलदार के खिलाफ पूरे शाहजहाँपुर जिले में एक साथ फूटेगा आक्रोश। • प्रमुख मांगें: ज्ञापन में दर्ज खेती-किसानी और स्थानीय राजस्व प्रभाग से जुड़ी लंबित समस्याओं का तत्काल निस्तारण। |
"किसान हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्याओं को विलेखीय कमान के सम्मुख रखता आया है, लेकिन पुवाया प्रशासन हमारी शालीनता को हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे। 21 तारीख का ज्ञापन ठंडे बस्ते में डालना किसानों का अपमान है। 29 मई का आंदोलन ऐतिहासिक होगा और जब तक समस्याओं का पूर्ण निस्तारण नहीं हो जाता, हमारा कलेक्टिव सर्विलांस और धरना समाप्त नहीं होगा।" — किसान गर्जना प्रभाग, शाहजहाँपुर
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