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लखनऊ: चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म ५ पर आंधी से गिरा भारी टीन....

 

🚨 चारबाग रेलवे स्टेशन आपातकाल / इंफ्रास्ट्रक्चर विसंगति एवं रेस्क्यू
✍️ जिला संवाददाता: कल्लू उर्फ रजनीश, लखनऊ
📅 लखनऊ | 29 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — चारबाग जंक्शन ग्राउंड जीरो कवरेज: आरपीएफ व जीआरपी कमान का त्वरित रेस्क्यू, हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को समय रहते रोककर टाली गई महा-विभीषिका

खनऊ। उत्तर प्रदेश की प्रांतीय राजधानी के मुख्य रेल अंचल चारबाग रेलवे स्टेशन पर देर रात आई तेज चक्रवाती हवाओं व अंधड़ के कारण एक भयावह और विसंगतिपूर्ण ढांचागत हादसा पटल पर आया है। स्टेशन के अत्यधिक व्यस्ततम **प्लेटफॉर्म नंबर ५** पर स्थापित विशालकाय लोहे का टीन शेड अचानक भरभराकर नीचे प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों व ऑन-ड्यूटी रेल कर्मियों पर गिर गया। टीन शेड के मलबे के नीचे दबने से ऑन-ड्यूटी टीटीई (TTE) समेत ३ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे पूरे जंक्शन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, आरपीएफ, जीआरपी और रेल कमान की त्वरित मुस्तैदी तथा रीयल-टाइम सूझबूझ से प्लेटफार्म की ओर अग्रसर एक मुख्य एक्सप्रेस ट्रेन को आउटर पर रोक दिया गया, जिससे पटरी पर होने वाला एक अत्यंत भीषण रेल हादसा बाल-बाल टल गया।

📌 अजंता अस्पताल में घायलों का चल रहा है कड़ा चिकित्सा सर्विलांस, क्रेन से हटाया जा रहा है मलबा:

प्राप्त प्रामाणिक विलेख प्रविष्टि के अनुसार, टीन शेड की चपेट में आने से ऑन-ड्यूटी **टीटीई भूपेंद्र** के पैर में गंभीर फ्रैक्चर आया है, जबकि प्लेटफार्म पर ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहे यात्री **अभिषेक** और **साहिल** भी मलबे की चोट से लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के फ्लाइंग स्क्वाड ने रीयल-टाइम रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी घायलों को तत्काल एम्बुलेंस कस्टडी के जरिए चिकित्सा हेतु **अजंता अस्पताल** में भर्ती कराया।

📜 चारबाग प्लेटफार्म ५ दुर्घटना प्रोफाइल एवं रेलवे आपातकालीन कमान चार्ट:
📊 हताहत विवरण एवं क्लीनिकल कस्टडी प्रविष्टि ⚙️ रणनीतिक बचाव कार्य एवं परिचालन बहाली रोस्टर
मुख्य घायल रेलकर्मी: टीटीई भूपेंद्र (पैरों में गंभीर फ्रैक्चर विसंगति)।
घायल यात्री प्रविष्टि: अभिषेक और साहिल (प्लेटफार्म यात्री)।
नोडल चिकित्सालय: अजंता अस्पताल, लखनऊ (सघन डॉक्टरों के सर्विलांस में उपचार जारी)।
प्राथमिक राहत बल: जीआरपी (GRP) एवं आरपीएफ (RPF) कमान दस्तों द्वारा तत्काल एम्बुलेंस प्रेषण।
टल गया बड़ा रेल हादसा: प्लेटफार्म की ओर आ रही हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को सिग्नलों के कड़े सर्विलांस से समय रहते रोका गया।
मलबा शमन अभियान: उत्तर रेलवे के तकनीकी अभियंताओं द्वारा कस्टडी में भारी हाईवे क्रेन मंगवाकर शेड हटाने का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ।
विभागीय समीक्षा: पुराने जर्जर टीन शेडों के मेन्टेनेंस विलेखों की जांच हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित।
🛡️ उत्तर रेलवे के आला अधिकारियों ने लिया संज्ञान; जंक्शन के इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट की मांग उठी:

इस भयावह हादसे के उपरांत स्टेशन परिचालन प्रभाग में हड़कंप मच गया और कलेक्ट्रेट व मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के वरिष्ठ अभियंता दलबल के साथ मौके पर मुस्तैद हुए। क्रेन के माध्यम से प्लेटफार्म ५ की पटरियों और यात्री छांव संभाग से लोहे के एंगल व टीन के टूटे विलेखों को कस्टडी में लेकर साफ कराया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों के अनुसार, यदि हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर इन-टाइम प्रवेश कर जाती, तो मलबे के कारण ट्रेन का अमर्यादित डिरेलमेंट (पटरी से उतरना) हो सकता था, जिससे जान-माल की अपूरणीय क्षति हो जाती।

यात्री सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढांचागत शिथिलता सुशासन राज में कतई स्वीकार्य नहीं

"चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या ५ पर घटित यह विसंगतिपूर्ण हादसा पूर्व के आंधी-तूफान अलर्ट के नोडल सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। आरपीएफ और जीआरपी कमान की मुस्तैदी से घायलों को तत्काल अजंता चिकित्सालय भेजा गया है और हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस के लोको पायलट को त्वरित वायरलेस संदेश प्रेषित कर महा-दुर्घटना को रोक लिया गया। तकनीकी विंग को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे २४ घंटे के भीतर जंक्शन के सभी प्लेटफार्मों के शेडों, ओवरब्रिज ग्रिडों और बिजली सिंडिकेट का कड़ा स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) करें। डिफाल्टर मेंटेनेंस वेंडर को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।" — उत्तर रेलवे सुरक्षा एवं परिचालन समन्वय प्रभाग बुलेटिन

चारबाग जंक्शन मुख्य संभाग, लखनऊ कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल, आलमबाग व वीआईपी रोड संपर्क मार्ग बेल्ट, ऐशबाग व कैंटोनमेंट आउटर ग्रिड, लखनऊ रेलवे कोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न रेल उपभोक्ता मंचों तथा सजग पैसेंजर यूनियनों ने जीआरपी व आरपीएफ सुरक्षा बलों द्वारा त्वरित गति से मौके पर पहुंच क्रेन ऑपरेशन संचालित करने व घायलों की सुध लेने के सुशासनात्मक कदम की सराहना की है, परंतु साथ ही रेलवे के जर्जर निर्माण विलेखों की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। कलेक्ट्रेट नागरिक सुरक्षा एवं आपदा समन्वय सेल ने पुनः संपूर्ण रेल यात्रियों व प्रबुद्ध नागरिकों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे खराब मौसम, तेज अंधड़ व वज्रपात के दौरान खुले प्लेटफार्मों या भारी लोहे के शेडों के किनारों पर खड़े होने की अमर्यादित विसंगति से बचें। यदि यात्रा के दौरान आपको किसी भी प्लेटफार्म, ओवरब्रिज की सीढ़ियों या प्रतीक्षालयों में ढांचागत दरारें, विद्युत स्पार्किंग या असुरक्षित होल्डिंग्स परिलक्षित हों, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक डिजिटल सूचना कोच/स्टेशन मास्टर कार्यालय, आरपीएफ कमान पोस्ट या रेलवे आपातकालीन नोडल रिस्पॉन्स रिपब्लिक कमान नंबर **'१३९'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुरक्षित भारतीय रेल की अभेद्य ढाल है।

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📈 मुस्तैद सुरक्षा, पारदर्शी रेल सुशासन — अवसंरचनात्मक विसंगतियों का समूल विधिक अंत, यात्री संभागों का सतत भौतिक व डिजिटल सर्विलांस और प्रत्येक नागरिक के सुरक्षित सफर व जीवन अधिकारों के संरक्षण हेतु सदैव समर्पित 'सच की आवाज'।

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