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साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: वृद्ध महिला के खाते से 17.19 लाख रुपये उड़ाने वाले मां-बेटे गिरफ्तार

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 20 जून 2026। जनपदीय साइबर टीम एवं थाना सदर बाजार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक वृद्ध महिला के बैंक खाते से 17 लाख 19 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 13.15 लाख रुपये मूल्य की सोने और डायमंड की ज्वेलरी तथा 36,642 रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर श्री सौरभ दीक्षित के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल और थाना सदर बाजार पुलिस ने यह सफलता हासिल की। मामले में 19 जून 2026 को वृद्ध महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि रिश्तेदारों ने मोबाइल सिम और बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग कर खाते से लाखों रुपये निकाल लिए।

जांच के दौरान पुलिस ने 20 जून को रिंग रोड अंडरपास के सामने शाहबाजनगर क्षेत्र से आरोपी ऋतिक सिंह (26 वर्ष) और उसकी मां रेखा सिंह (52 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों सदर बाजार थाना क्षेत्र के चिनौर मोहल्ले के निवासी हैं।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों को महिला के खाते में संपत्ति बिक्री के बाद आए करीब 52 लाख रुपये की जानकारी थी। आरोपियों ने कथित रूप से बैंक में पंजीकृत मोबाइल नंबर और डेबिट कार्ड की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर एटीएम, यूपीआई, पीओएस और आईएमपीएस के माध्यम से कुल 38 ट्रांजेक्शन कर 17.19 लाख रुपये निकाल लिए।

ठगी की रकम से आरोपियों ने विभिन्न ज्वैलर्स से महंगी सोने एवं डायमंड की ज्वेलरी खरीदी। पुलिस ने उनके कब्जे से फतेहगंज ज्वैलर्स, पन्नू ज्वैलर्स, कल्याण ज्वैलर्स और महाशय ज्वैलर्स से खरीदे गए आभूषण बरामद किए हैं।

बरामदगी

  • सोने एवं डायमंड की ज्वेलरी (कुल कीमत लगभग ₹13,15,484)
  • नगद ₹36,642
  • तीन मोबाइल फोन
  • यूनियन बैंक का डेबिट कार्ड
  • ज्वैलरी खरीद से संबंधित दस्तावेज एवं प्रमाण पत्र

पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों और ठगी की रकम के उपयोग की जांच जारी है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी

  1. ऋतिक सिंह पुत्र स्व. वीर सिंह
  2. रेखा सिंह पत्नी स्व. वीर सिंह

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध और बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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