जिला संवाददाता कल्लू उर्फ रजनीश लखनऊ ✍️
लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में हुई भीषण आग की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में बचाव संसाधनों की उपलब्धता और समयबद्ध कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं दिखी।
घटना के संबंध में कुछ लोगों का दावा है कि आग लगने के दौरान भवन में मौजूद बच्चों को सुरक्षित निकालने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करने की कोशिश की, जबकि प्रशासनिक एवं आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भवन में सुरक्षा मानकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकास, आपातकालीन सीढ़ी एवं अन्य अग्नि सुरक्षा उपायों की उपलब्धता को लेकर भी जांच की मांग उठ रही है।
घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
नागरिकों का कहना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और बहुमंजिला भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराया जाना चाहिए।
नोट: घटना में हताहतों की संख्या, बचाव कार्य में देरी अथवा अन्य आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच और अधिकृत बयानों के आधार पर ही मानी जाएगी।
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