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17 साल पहले मरा व्यक्ति चढ़ा पुलिस के हत्थे


आरोपी राजकुमार उर्फ़ अनिल

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी 17 साल पहले कार एक्सीडेंट में जलकर मौत हो गई थी। उसके शव का परिजनों ने वाकायदा अंतिम संस्कार किया था। परिवार वालों ने मृतक के नाम का 80 लाख रुपए का  इंश्योरेंस भी हासिल कर लिया था। लेकिन जब मामला खुला तो पुलिस भी हैरान हो गई।

दरअसल, कार एक्सीडेंट में जिस शख्स की मौत हुई थी वो एक भिखारी था। 80 लाख रुपए का इंश्योरेंस हड़पने के लिए एक भिखारी की हत्या की गई थी। पहचान मिटाने के लिए भिखारी के शव को कार की ड्राइविंग सीट पर बैठाकर जला दिया गया था। परिवार वालों ने शव की शिनाख्त भी की थी और शव का अंतिम संस्कार भी किया था।

गौतमबुद्ध नगर का रहने वाला है आरोपी

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मनमोहन नगर निकोल से आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार किया है। राजकुमार ने बड़े ही शातिर तरीके से एलआईसी इंश्योरेंस का 80 लाख रुपए हासिल किए थे। क्राइम ब्रांच पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि राजकुमार का असली नाम अनिल है, और वो उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले का रहने वाला है। वह साल 2006 से अहमदाबाद में राजकुमार नाम से फर्जी दस्तावेज बनवाकर रह रहा है।

आगरा से कार में बैठाया था भिखारी, रोड़ एक्सीडेंट कर जला दिया था

पकड़े गए आरोपी ने अपने परिजनों के साथ मिलकर रोड़ एक्सीडेंट में खुद को मरा हुआ दिखाकर एलआईसी का इंश्योरेंस हासिल करने के लिए प्लान तैयार किया था। इसके लिए आरोपी ने साल 2006 में आगरा टोल टैक्स से एक भिखारी को कार में बैठा लिया था। उसने भिखारी को कुछ नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया था। भिखारी को आरोपियों ने कार की ड्राइविंग सीट पर बैठाकर उसमे आग लगा दी थी। हादसे के बाद आरोपी ने खुद को कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। उसके बाद आरोपी के परिजनों ने बीमा कम्पनी से 80 लाख रुपए ले लिए। अब क्राइम ब्रांच आरोपी को जेल भेज रही है।

"मुख्य संपादक मो शोएब"

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