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Cyber Crime-लोगों में अपरिपक्वता के कारण ही साइबर अपराधियों का मनोबल..!!

Cyber Crime


देश में बढ़ रहे साइबर धोखाधड़ी को लेकर लगातार चिंताएं बढ़ती जा रही हैं!भारतीय रिजर्व बैंक ने भी लोगों से इस संबंध में अधिक से अधिक जागरूक होने की आवश्यकता पर बल दिया है!लोगों में अपरिपक्वता के कारण ही साइबर अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है! साइबर अपराध एक ऐसा अपराध है, जिसमें कंप्यूटर और नेटवर्क शामिल है! किसी भी कंप्यूटर का अपराध के स्थान पर मिलना या कंप्यूटर से कोई अपराध करना कंप्यूटर अपराध कहलाता है, कंप्यूटर अपराध में नेटवर्क शामिल नहीं होता है। किसी की निजी जानकारी कंप्यूटर से निकाल लेना उसका बेजा इस्तेमाल करना या चोरी कर लेना भी साइबर अपराध है!कंप्यूटर अपराध भी कई प्रकार से किए जाते हैं मसलन जानकारी चोरी करना जानकारी मिटाना जानकारी में फेरबदल करना! किसी की जानकारी को किसी और को देना या कंप्यूटर के साफ्टवेयर को चोरी करना या नष्ट करना, साइबर अपराध भी कई प्रकार के हैं!जैसे कि स्पैम ईमेल, हैकिंग, फिशिंग, वायरस को डालना, किसी की जानकारी को आनलाइन प्राप्त करना या किसी पर हर वक्त नजर रखना!ऐसे अपराधी सुदूर इलाकों से लेकर पूरे देश में अपना धंधा चलाते रहते हैं और लोग मिनटों में ऋण, पर्सनल लोन,मुफ्त क्रेडिट कार्ड, अधिक ब्याज दर आदि लुभावनी बातों में आकर अपना बैंक खाते का ब्योरा साझा कर देते हैं! मिनटों में इनके बैंक खाते में रकम शून्य कर दी जाती है! रिजर्व बैंक हमेशा कहता है कि अपना आधार कार्ड, पैनकार्ड और बैंक खाते का ब्योरा फोन पर या किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें,लेकिन व्यवहार में शायद ही कहीं यह बात अमल में आती हो!!

मुख्य संपादक मो शोएब

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