दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने विनोद गुप्ता नाम के एक शख्स को बरी करते हुए कहा कि "अगर कोई शादीशुदा महिला किसी पुरुष से अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाती है, और अगर बाद में वो पुरुष शादी करने से इंकार करता है तो ऐसे में ये वो महिला उस पुरुष पर दुष्कर्म करने का आरोप नहीं लगा सकती".... महिला तो अपने पति को धोखा दे रही थी? जस्टिस रविकुमार और जस्टिस राजेश बिंदल ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि महिला अपने काम के अंजाम को समझने के लिए काफी परिपक्व थी। महिला पहले से ही शादीशुदा थी इसके बावजूद भी उसने किसी दूसरे पुरुष के साथ अनैतिक संबंध बनाए जो पहले ही अनैतिक था।ऐसी स्थिति में अगर वो पुरुष महिला से शादी नहीं करता तो उस पर दुष्कर्म का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता. आरोपी विनोद गुप्ता की ओर से उनके वकील अश्विनी कुमार दुबे ने कहा कोर्ट में कही कि रेप की शिकायत दर्ज कराने वाली महिला विवाहित है. वो विनोद गुप्ता से उम्र में 10 साल बड़ी है. उसकी 15 साल की बेटी है जो अभी भी अपने अपने माता-पिता के साथ रहती है,ऐसे में विनोद गुप्ता द्वारा किए गए शादी के वादे को पूरा करने का कोई सवाल ही नहीं बनता।
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