स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहाँपुर, 25 अक्टूबर 2025।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को कैंप कार्यालय में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने तहसीलों के कार्मिकों से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एसीपी, अर्जित अवकाश सहित अन्य लंबित आवेदनों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी प्रकार के देयकों का भुगतान 31 अक्टूबर तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान तहसील तिलहर में सर्वाधिक आवेदन लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को 27 अक्टूबर तक भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण न होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि (adverse entry) दी जाएगी।
डीएम ने सभी लेखपालों को निर्देशित किया कि वे अपना मानव संपदा परिचय पत्र (Human Samvida ID Card) अनिवार्य रूप से प्राप्त करें तथा जिनकी फोटो पोर्टल पर अपलोड नहीं है, वे तत्काल अपलोड कराएँ।
साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लेखपालों का NPS अकाउंट (National Pension System) खुला होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने आपदा राहत, पशु हानि एवं मकान क्षति से संबंधित लंबित आवेदनों का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि निवेश से जुड़े सभी मामले 10 नवंबर तक निस्तारित कर दिए जाएँ।
कृषक दुर्घटना बीमा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि 31 अक्टूबर तक 45 दिनों से अधिक कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) में प्रगति लाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि 31 अक्टूबर तक जिन लेखपालों की प्रगति 60% से कम पाई जाएगी, उनका वेतन रोका जाएगा।
उन्होंने नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे लेखपालों के साथ नियमित बैठक कर प्रतिदिन लक्ष्य आधारित फार्मर रजिस्ट्रीकरण सुनिश्चित करें।
डीएम ने यह भी कहा कि जिन कृषकों का फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) का लाभ नहीं मिलेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार, कृषि उपनिदेशक पी.के. सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ
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