स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहाँपुर, 28 नवम्बर। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला प्रशासन ठंड और संभावित शीतलहर को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। भारतीय मौसम विभाग ने दिसम्बर 2024 से फरवरी 2025 के बीच सामान्य से कम तापमान होने का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मद्देनज़र राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शीतलहर से बचाव हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार लोगों को रेडियो, टीवी और अखबारों के माध्यम से मौसम अलर्ट पर नज़र रखने, गर्म कपड़े पहनने, पौष्टिक भोजन लेने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
गंभीर ठंड में बिना जरूरत बाहर निकलने से बचने और बच्चों व बुजुर्गों की विशेष देखभाल करने की अपील की गई है।
साथ ही बंद कमरों में कोयला या अंगीठी जलाने से बचने को कहा गया है, क्योंकि इससे जहरीली गैस फैलने का खतरा रहता है।
प्राधिकरण ने बताया कि हाइपोथर्मिया होने पर व्यक्ति को गर्म स्थान पर ले जाएं, गीले कपड़े बदलें और गर्म तरल पदार्थ दें।
वहीं ठंडे अंगों की मालिश न करने और लंबे समय तक ठंड में न रहने का निर्देश दिया गया है।
शीतलहर और पाला फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। किसानों को हल्की सिंचाई, जैविक मल्चिंग, शेल्टर बेल्ट लगाने, और कॉपर ऑक्सी क्लोराइड व पोषक तत्वों का छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को पशुओं को ठंड से बचाने के लिए रात में आश्रय ढकने, गुड़-कैल्शियम टॉनिक देने, सूखा बिछावन लगाने और खुले में न बांधने का निर्देश दिया गया है।
ठंड व कोहरे के दौरान
साथ ही शॉल/कंबल ओढ़कर वाहन न चलाने की हिदायत दी गई है।
जिला प्रशासन ने बताया कि जनपद में लगभग 300 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा 17 रैनबसेरे (6 नगर निगम, 11 नगर पालिका/नगर पंचायत) सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 400 व्यक्तियों के ठहरने की व्यवस्था है।
इन रैनबसेरों में रजाई, गद्दा, कम्बल, बेड, पेयजल, शौचालय और प्रकाश की उचित सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
0 Comments