स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहाँपुर, 15 नवंबर।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को रामगंगा नदी पर निर्माणाधीन कोलाघाट पुल का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता ने अवगत कराया कि पुल के कुल 44 पिलरों में से दो पिलरों का निर्माण कार्य शेष है, जिसे दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य का थर्ड पार्टी ऑडिट नियमित रूप से कराया जाए तथा साइट पर सेफ़्टी मानकों का पूर्ण पालन हो, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
जिलाधिकारी ने परियोजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और कार्यदाई संस्था को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
परियोजना प्रबंधक द्वारा दी गई प्रमुख जानकारी
- सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ने बताया कि
- सेतु का 47%,
- पहुँच मार्ग का 10%,
- कुल कार्य का 57% निर्माण पूर्ण हो चुका है।
- पुराना कोलाघाट सेतु क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी एवं हल्के वाहनों का आवागमन बंद है, जिससे लोगों को 50-60 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
- यह मार्ग राज्य मार्ग संख्या–163 पर स्थित एक अत्यंत व्यस्त मार्ग है, इसलिए इसके समानांतर नया 2-लेन पुल बनाया जा रहा है।
- परियोजना की स्वीकृत लागत ₹16683.22 लाख,
- मुख्य पुल की लंबाई 1802.14 मीटर,
- पहुँच मार्ग की लंबाई 200–200 मीटर है।
- कार्य प्रारम्भ फरवरी 2025 में हुआ था और निर्धारित पूर्णता तिथि जून 2027 है।
- अब तक ₹15841.59 लाख की धनराशि जारी हो चुकी है।
- वर्तमान प्रगति:
- भौतिक प्रगति — 57%
- वित्तीय प्रगति — 51%
- भूमि अधिग्रहण एवं रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा पिलर और बीम का कार्य तेजी से प्रगति पर है।
जिलाधिकारी के मुख्य निर्देश
- गुणवत्ता में किसी तरह का समझौता न हो।
- सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।
- कार्य की प्रगति में तेजी लाई जाए ताकि पुल जल्द से जल्द जनता की सुविधा के लिए उपयोग में आ सके और लंबी दूरी तय करने की समस्या समाप्त हो।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जलालाबाद प्रभात कुमार राय सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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