ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी, सीतापुर ✍️
सीतापुर। सकरन ब्लॉक के कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि आहरित किए जाने और धरातल पर कार्य न मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। जिलाधिकारी सीतापुर डॉ. राजा गणपति आर. की सख्त कार्यशैली से प्रेरित होकर खंड विकास अधिकारी सकरन श्रीश गुप्ता ने विभिन्न पंचायतों में किए गए निर्माण और भुगतान की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम पंचायत मुर्थना: जांच के बाद बढ़ी सख्ती
बीडीओ ने अपनी टीम के साथ ग्राम पंचायत मुर्थना में निरीक्षण कर आहरित धनराशि और निर्माण कार्यों की जांच की। जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद अन्य ग्राम पंचायतों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
ग्राम पंचायत सरैया कला और मोहारी में बड़े घोटाले के आरोप
ग्राम पंचायत सरैया कला और मोहारी में तैनात पंचायत सचिव उमाकांत पर फर्जी कार्य दिखाकर बड़ी धनराशि निकालने के गंभीर आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि—
- पहले से बनी नालियों और खड़ंजों के नाम पर भुगतान दिखाया गया, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं किया गया।
- हर्षित ट्रेडर्स नामक फर्म के माध्यम से नाली निर्माण के लिए भुगतान हुआ, जबकि निर्माण कार्य हुआ ही नहीं।
- मोबाइल खरीद के नाम पर 11.08.2025 को भुगतान हुआ, जबकि ठीक एक महीने पहले ही सर्वे कार्य के लिए नया मोबाइल खरीदा गया था।
- कंप्यूटर मरम्मत के नाम पर बड़ी रकम निकाली गई, जबकि पंचायत सहायक द्वारा कोई कार्य ही नहीं किया जाता।
- खड़ंजा निर्माण में 175490 रुपये ईंट और 48600 रुपये लेबर भुगतान दिखाया गया, पर निर्माण कार्य नहीं दिखा।
- हैंडपंप रिबोर और मरम्मत के नाम पर भारी रकम निकाली गई, लेकिन पिछले एक वर्ष से कोई भी रिबोर नहीं हुआ।
ग्राम पंचायत मोहारी में भी लाखों रुपये निकाले गए, पर कार्य शून्य
- नाली और खड़ंजा मरम्मत के नाम पर 01.07.2025 और 11.08.2025 को बड़ी धनराशि जारी हुई, पर कार्य नहीं मिला।
- कुछ स्थानों पर खड़ंजा बना, पर नाली निर्माण का पैसा हजम कर लिया गया।
- स्कूल की रंगाई, पुताई और कायाकल्प कार्य सिर्फ कागजों पर दिखाए गए।
- 19.09.2025 को 56000 रुपये हैंडपंप रिबोर के नाम पर निकाले गए, पर एक भी रिबोर नहीं हुआ।
जांच की मांग तेज
ग्रामीणों, स्थानीय प्रतिनिधियों व मीडिया द्वारा मांग की जा रही है कि ग्राम पंचायत मोहारी और सरैया कला में हुए कथित भ्रष्टाचार की पूरी उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती मिल सके।



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