स्टेट ब्यूरो हेड – योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जनपद सम्भल के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास सहित कई विभागों के कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सम्भल का सर्वांगीण विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है। चरणबद्ध रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए।” उन्होंने निर्देश दिया कि पहले चरण में सम्भल के प्राचीन तीर्थों व कूपों के पुनरुद्धार पर विशेष फोकस किया जाए। सम्भल में 68 तीर्थ स्थल और 19 कूप चिह्नित हैं, जिनका जीर्णोद्धार कर उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है।
दूसरे चरण में म्यूज़ियम, लाइट एंड साउंड शो और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अन्य विकास कार्यों को तेज़ करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों के कार्यालय एक ही परिसर में स्थापित किए जाएं और डीपीआर तैयार करने के बाद कार्यों में गति लाई जाए।
उन्होंने सम्भल में जनपद न्यायालय, कारागार एवं पीएसी स्थापना हेतु भूमि अधिग्रहण को तेज़ी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही 24 कोसी परिक्रमा मार्ग और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के आसपास सड़क निर्माण, सार्वजनिक सुविधाओं और भूमि अधिग्रहण कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।
नदियों के संरक्षण पर बल देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे परियोजना के तहत महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्य को गति देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि आवासीय व अनावासीय भवनों के लिए 93 प्रतिशत भूमि क्रय की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील/पोखर/तालाब विकास योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन योजनाओं के तहत चल रहे सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। साथ ही सीबीजी प्लांट निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
सम्भल जनपद के व्यापक विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए ये निर्देश स्थानीय प्रशासन के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करते हैं।



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