📅 दिनांक : 02 दिसंबर 2025
पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर की अध्यक्षता में आज पुलिस लाइन्स सभागार में जनपद के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों के साथ एक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर , क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम , साइबर थाना/साइबर सेल के अधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक तथा जनपद के सभी प्रमुख बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।
गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य था—
बढ़ते साइबर वित्तीय अपराधों की रोकथाम, बैंक–पुलिस समन्वय को मजबूत करना और साइबर सुरक्षा के प्रभावी उपायों पर संयुक्त रणनीति तैयार करना।
कहा—
“साइबर अपराध आज का सबसे बड़ा वित्तीय खतरा है। जागरूकता, सतर्कता और त्वरित कार्यवाही ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।”
प्रमुख दिशा-निर्देश:
1️⃣ कई बैंक शाखाओं में Mule Accounts संचालित पाए गए हैं— कर्मचारी की संदिग्ध भूमिका होने पर तत्काल कार्रवाई करें।
2️⃣ बैंक की त्वरित सहायता से पीड़ित के रुपये वापस करवाए जा सकते हैं— साइबर सेल को तुरंत सूचित करें।
3️⃣ ₹50,000 से अधिक CHEQUE WITHDRAWAL पर KYC (आधार + पैन) अनिवार्य रूप से सत्यापित करें।
4️⃣ सभी पुराने व नए बैंक खातों की KYC री-वेरिफिकेशन कराएं— कई साइबर मामलों में अधूरी KYC मिली है।
5️⃣ Online Account Opening में Two-Step Verification अनिवार्य— बायोमेट्रिक + फोटो + आधार + पैन।
6️⃣ सभी ATM के कैमरे व सुरक्षा व्यवस्थाएँ 24×7 सुचारु हों— गार्ड की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
7️⃣ जारी सूची में दर्शाए गए सभी संदिग्ध/Mule खातों का पुन: सत्यापन करें।
8️⃣ संदिग्ध ट्रांजेक्शन, मोबाइल/ईमेल अपडेट या नेट बैंकिंग रीसेट पर ग्राहक की पहचान अनिवार्य रूप से सत्यापित की जाए।
9️⃣ ग्राहक दस्तावेज़, पासबुक, KYC व्हाट्सऐप या निजी ईमेल से साझा न किए जाएँ।
• OTP फ्रॉड
• फर्जी KYC अपडेट लिंक
• फिशिंग लिंक (Bank/IT Dept. के नाम पर)
• SIM Swap फ्रॉड
• सोशल इंजीनियरिंग
• फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल
राष्ट्रीय तथ्य:
I4C के अनुसार अप्रैल 2021–दिसंबर 2023 के बीच ₹10,319 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी दर्ज की गई।
वर्ष 2023 में 11 लाख+ साइबर शिकायतें दर्ज हुईं।
• संदिग्ध KYC और Dormant खातों के गलत सक्रियण को रोका जाए।
• CCTV, अलार्म सिस्टम, डाटा सुरक्षा पूर्णतः सक्रिय रहें।
• RBI के FRI System का पालन अनिवार्य।
✔ OTP/पासवर्ड किसी को न दें — बैंक कभी नहीं पूछता।
✔ KYC अपडेट केवल बैंक शाखा में कराएं।
✔ संदिग्ध लिंक/कॉल पर क्लिक न करें।
✔ पब्लिक Wi-Fi पर नेट बैंकिंग न करें।
✔ साइबर फ्रॉड हो तो तत्काल 1930 पर कॉल करें।
✔ cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करें।
• पुलिस अधीक्षक द्वारा उद्घाटन एवं मार्गदर्शन
• बैंक प्रबंधकों द्वारा अनुभव साझा
• साइबर टीम द्वारा 1930 हेल्पलाइन व त्वरित कार्रवाई प्रक्रिया की जानकारी
• संयुक्त संकल्प—
“सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है”
अंत में पुलिस अधीक्षक ने कहा—
“एक क्लिक आपके खाते को खाली कर सकता है, लेकिन एक सतर्क कदम उसे सुरक्षित भी रख सकता है। शाहजहाँपुर पुलिस सदैव आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”
0 Comments