लखनऊ।
प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने गुरुवार को सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के साथ वर्चुअल बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी 2026 को प्रदेश के प्रत्येक मतदान केंद्र पर मिशन मोड में आलेख्य मतदाता सूची एवं अप्राप्त श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं की सूची को पढ़कर सुनाया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी बूथों पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की निर्धारित समय से पूर्व उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यक्रम सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि बीएलओ के पास 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची, गणना अवधि के दौरान अप्राप्त (Uncollectable) श्रेणी के मतदाताओं की सूची तथा अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृतक एवं डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित सूचियां उपलब्ध रहनी चाहिए, जिससे मतदाता अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन कर सकें।
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी बूथों पर फार्म-6 (घोषणा-पत्र सहित), फार्म-6ए, फार्म-7 एवं फार्म-8 (घोषणा-पत्र सहित) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पात्र नागरिक मौके पर उपस्थित होकर नाम जोड़ने, संशोधन अथवा विलोपन से संबंधित आवेदन कर सकेंगे।
कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी ERO को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक बूथ पर निर्धारित कार्यवाही पूरी तरह संपन्न हो। आवश्यकता पड़ने पर बीएलओ के सहयोग हेतु अन्य कार्मिकों की भी ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही इस अभियान का प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।
उन्होंने एनजीएसपी पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि डिफॉल्ट प्रकरणों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ताओं को तथ्यपरक व स्पष्ट उत्तर दिया जाए। इसके साथ ही ERO अथवा AERO स्तर पर लंबित फार्म-6 आवेदनों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी प्रकरणों को तत्काल प्रोसेस कर निस्तारित किया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ से संबंधित कोई भी प्रकरण 48 घंटे से अधिक लंबित न रहे तथा बीएलओ स्वयं प्रयास कर मतदाता से संपर्क करें, कॉल अनअटेंडेड न छोड़ी जाए।
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