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लबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1,876 परियोजनाओं का निर्माण, करोड़ों लोगों को मिली सुरक्षा


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

शाहजहाँपुर, 06 फरवरी 2026।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का निर्माण कर करोड़ों लोगों को राहत और सुरक्षा प्रदान की गई है। उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष मानसून के दौरान नेपाल से आने वाली नदियों तथा सीमावर्ती प्रदेशों के जल प्रवाह के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे औसतन लगभग 40 जनपद संवेदनशील बने रहते हैं।

विगत वर्षों में सिंचाई विभाग ने पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध बजट प्रबंधन और गुणवत्ता-पूर्ण क्रियान्वयन के माध्यम से बाढ़ सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसके परिणामस्वरूप बाढ़ से होने वाली क्षति को न्यूनतम स्तर तक सीमित करने में सफलता मिली है। विभाग ने सक्रिय एवं केंद्रीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्धारित समयसीमा में बाढ़ बचाव परियोजनाओं को पूर्ण कर प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की है।

प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल में अब तक कुल 1,876 बाढ़ परियोजनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिससे 43.25 लाख हेक्टेयर भूमि क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षा मिली है। इससे किसानों की कृषि भूमि तथा आमजन की उपयोगी भूमि सुरक्षित हुई है और खरीफ फसलों की पैदावार में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इन प्रयासों से 357.83 लाख आबादी को बाढ़ से बचाव का लाभ प्राप्त हुआ है।

वर्षवार उपलब्धियाँ

  • 2018-19: 111 परियोजनाएँ पूर्ण; 1.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 22.03 लाख आबादी लाभान्वित।
  • 2019-20: 151 परियोजनाएँ; 2.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 27.44 लाख आबादी लाभान्वित।
  • 2020-21: 196 परियोजनाएँ; 5.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 49.58 लाख आबादी लाभान्वित।
  • 2021-22: 167 परियोजनाएँ; 10.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 46.26 लाख आबादी लाभान्वित।
  • 2022-23: 283 परियोजनाएँ; 3.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 33.20 लाख आबादी लाभान्वित।
  • 2023-24: 362 परियोजनाएँ; 10.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 68.97 लाख आबादी लाभान्वित।
  • 2024-25: 321 परियोजनाएँ; 4.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 60.45 लाख आबादी लाभान्वित।
  • 2025-26: 285 परियोजनाएँ; 3.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र व 49.90 लाख आबादी लाभान्वित।

छोटी गंडक नदी का पुनर्जीवन

प्रदेश में छोटी गंडक एक भूजल आधारित नदी है, जो नेपाल से महाराजगंज जनपद में प्रवेश के बाद लगभग 10 किमी लंबाई में मृतप्राय हो चुकी थी। सिंचाई विभाग द्वारा सफाई एवं पुनर्जीवन कार्य कर इसे पुनः मूल स्वरूप में लाया गया। अब वर्षाकाल में जल निकासी सुचारु होने से 22 ग्रामों की 1,950 हेक्टेयर भूमि तथा लगभग 48,500 आबादी जलभराव से प्रभावित नहीं होगी।

इस पहल से जलजनित बीमारियों में कमी आई है, साथ ही नदी में जल उपलब्ध होने से मवेशियों के लिए पेयजल, फसलों की सिंचाई और पर्यावरणीय संतुलन को भी लाभ मिला है।

प्रदेश सरकार के ये प्रयास न केवल बाढ़ सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि कृषि उत्पादन, ग्रामीण जीवन और समग्र क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।



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