लखनऊ, 04 फरवरी 2026 – विकास खंड सरोजिनी नगर, सादुल्ला नगर क्षेत्र के रास्तों में जलभराव और सड़क पर खुले पड़े चैंबर ने स्थानीय बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी यूसुफ अली के घर से राम औतार के घर तक सड़क पर लगभग एक महीने से खुदे चैंबर खुले पड़े हैं।
इस मार्ग से प्रतिदिन छोटे बच्चों को स्कूल जाना होता है और बुजुर्ग भी पैदल चलते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर खुले चैंबर और जलभराव के कारण किसी भी समय हाथ-पैर टूटने या गंभीर दुर्घटना का खतरा है।
स्थानीय निवासी ने संवाददाता को बताया, “जब हम जिम्मेदार अधिकारियों से पूछते हैं तो बताया जाता है कि मटेरियल के पैसे अभी तक नहीं मिले हैं। जब पैसा आएगा तभी काम होगा। लेकिन बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा जोखिम में डालना कितना उचित है, इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।”
इस मार्ग से गुजरने वाले बच्चों में डर का माहौल है। कई माता-पिता ने बच्चों को स्कूल भेजने में जोखिम महसूस किया और सवाल उठाया कि क्या प्रशासन बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को गंभीरता से ले रहा है।
स्थानीय लोग कहते हैं कि चैंबर के खुला रहने और जलभराव के कारण रास्ता फिसलन भरा हो गया है, जिससे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
जिम्मेदारों की भूमिका और प्रशासनिक जवाबदेही:
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब समस्या स्पष्ट रूप से सामने है, तब भी संबंधित विभाग और प्रशासन कार्रवाई में धीमे क्यों हैं। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए यह मार्ग मुख्य रास्ता है और इसका सुरक्षित होना अनिवार्य है।
विकास खंड अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
खण्ड विकास अधिकारी, सरोजिनी नगर, श्री शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लंबित भुगतान और मटेरियल उपलब्ध कराने में देरी की वजह से कार्य रुका हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में न पड़े।
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