स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर। रामकथा के पावन आयोजन में कथा व्यास संत विजय कौशल महाराज ने भगवान राम के आदर्शों और करुणा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु जिसे बुलाते हैं, वही कथा का श्रवण करने आता है।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने विधिवत व्यासपीठ का पूजन किया। इसके उपरांत कथा व्यास ने ‘श्री राम जय राम जय जय राम…’ भजन के साथ कथा का शुभारंभ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथाव्यास ने याज्ञवल्क्य और भारद्वाज ऋषि के प्रसंग को विस्तार से बताते हुए कहा कि रामकथा कलियुग के पापों का नाश करने वाली और भवसागर से पार लगाने वाली नौका है। उन्होंने कहा कि कलियुग में राम नाम ही सबसे बड़ा साधन और मोक्ष का मार्ग है।
इसके बाद कथा में भगवान शिव और सती के प्रसंग का वर्णन किया गया। कथा के दौरान बताया गया कि सती द्वारा भगवान राम की परीक्षा लेने और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न घटनाएं भक्तों को धर्म और आस्था का गहरा संदेश देती हैं।
कथा के अंत में “श्रीराधे गोपाल भज मन…” भजन के साथ समापन हुआ। “हे राजा राम तेरी आरती उतारूं…” की गूंज से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें अशोक अग्रवाल, श्रीमती कृष्णा अग्रवाल, प्राचार्य प्रो. आर.के. आजाद एवं डॉ. आलोक कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डी.पी.एस. राठौर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
लखनऊ
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