सवा तीन करोड़ वोटर्स को नोटिस क्यों, क्या हैं चुनाव आयोग की आपत्तियां?

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️ 

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर पाई गई तार्किक विसंगतियों को लेकर 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 6 फरवरी से बढ़ाकर अब 6 मार्च कर दी है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता 6 मार्च तक अपनी जानकारी अपडेट करा सकेंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी।

चुनाव आयोग के अनुसार मतदाता विवरण में कई प्रकार की तार्किक गड़बड़ियां सामने आई हैं। इनमें प्रमुख रूप से पिता के नाम में त्रुटि, पारिवारिक संबंधों में असंगति तथा पिता और पुत्र की आयु के बीच 15 वर्ष से कम का अंतर दर्ज होना शामिल है। इस प्रकार की विसंगतियों को गंभीर मानते हुए सत्यापन की कार्यवाही शुरू की गई है।

इन्हीं मामलों के आधार पर कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं। अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 86 लाख मतदाताओं को नोटिस की प्रतियां उपलब्ध करा दी गई हैं। आयोग के अनुसार करीब 30 लाख मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यवाही मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि भविष्य में निर्वाचन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

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