ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी, सीतापुर ✍️
सकरन (सीतापुर)। थाना क्षेत्र सकरन में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और पुलिस की कथित लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। पशु चोरी और नाबालिग से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने पैदल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मिला और थाना सकरन के एसओ की कार्यशैली सहित विभिन्न मामलों की लिखित शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कई मामलों में न तो मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और न ही घटनाओं का खुलासा हो रहा है। उच्चाधिकारियों द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हुए।
इसी क्रम में कपिल लोधी, मुलायम सिंह और सन्तराम जाटव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और पीड़ित परिवारों ने पैदल मार्च शुरू किया। हाथों में मांग पत्र लिए प्रदर्शनकारी “न्याय दो” और “पुलिस जागो” जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
पुलिस की समझाइश रही बेअसर
पैदल मार्च के दौरान सकरन पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नेतृत्व कर रहे लोगों ने अपनी मांगों पर अड़े रहते हुए मार्च जारी रखा।
मामलों का विवरण
क्षेत्र में हाल ही में दो भैंस चोरी की घटनाएं सामने आईं, वहीं एक नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़े।
दबाव के बाद पुलिस हरकत में
लगातार बढ़ते दबाव और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने छेड़छाड़ के मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, वहीं भैंस चोरी के मामले में भी केस दर्ज किया गया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मामलों का खुलासा नहीं हुआ और पुलिस की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
लगातार बढ़ती घटनाओं और प्रशासनिक उदासीनता ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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