स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻
शाहजहांपुर, 24 मार्च 2026।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने लंबित प्रोत्साहन राशि, अवैध वसूली और लंबित मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यूनियन का आरोप है कि सरकार द्वारा आवंटित धनराशि के बावजूद आशा कर्मियों को भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि कई जगहों पर अनियमितताएं और अवैध वसूली जारी है।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि 6 फरवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता के बाद 55 दिन चला आंदोलन समाप्त किया गया था। सरकार ने अधिकांश मांगों पर सहमति जताते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर तीसरे चरण की वार्ता में अंतिम निर्णय का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक यह वार्ता नहीं हो सकी है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2019 से 2023-24 तक की प्रोत्साहन राशि अभी तक लंबित है। इसके अलावा वर्ष 2024-25 और 2025-26 की राशि का भी पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है। यूनियन ने आरोप लगाया कि भुगतान मांगने पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जाता है और उन्हें धमकाया जाता है।
यूनियन ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर भुगतान का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाता, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। साथ ही, आशा कर्मियों से वैक्सीन कोरियर जैसे कार्य तो कराए जाते हैं, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया जाता।
मुख्य मांगें:
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
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