ब्यूरो रिपोर्ट: कल्लू उर्फ रजनीश, लखनऊ ✍️
लखनऊ। रामनवमी के पावन अवसर पर दुबग्गा थाना क्षेत्र स्थित सिद्धेश्वरी माता मंदिर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां सुबह से ही हजारों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक ऊर्जा का संचार होता नजर आया, लेकिन इसी के साथ व्यवस्थाओं की पोल भी खुलती दिखाई दी।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसी पावन अवसर पर हनुमान जी की मूर्ति की विधिवत स्थापना ने धार्मिक उल्लास को और भी बढ़ा दिया। हर तरफ जयकारों की गूंज और भक्ति का वातावरण बना रहा।
हालांकि, इतनी विशाल भीड़ के बावजूद मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ तौर पर दिखाई दिया। मंदिर के महंत नील कमल दास ने बताया कि परिसर में न तो पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था है और न ही पेयजल की समुचित सुविधा, जिससे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सबसे गंभीर सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़े हुए। भीड़ के अनुपात में पुलिस बल की कमी साफ नजर आई, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इतने बड़े आयोजन में सुरक्षा का कमजोर होना प्रशासनिक तैयारी पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
एक ओर जहां श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर रही, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी भी खुलकर सामने आई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बेहतर प्रबंधन, पर्याप्त सुविधाएं और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर खामियों से सबक लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है, ताकि आस्था के ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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