ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा, लखनऊ ✍️
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज स्थित बी.एन. रोड पर एक निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा सील की गई इमारत में कथित रूप से दोबारा निर्माण कार्य जारी रहने का मामला सामने आया है। यह प्रकरण प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी को एलडीए की टीम ने धारा-28(क) के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित भवन को सील किया था। उस समय विभाग की ओर से इसे बड़ी कार्रवाई बताते हुए प्रचारित भी किया गया। हालांकि स्थानीय स्तर पर आरोप है कि सीलिंग के बाद भी निर्माण कार्य रुकने के बजाय तेजी से जारी रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन में पार्किंग व्यवस्था का अभाव है और इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मामले में नियमों के विपरीत शमन (कंपाउंडिंग) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में बिजली विभाग और पुलिस को भी सूचित किया गया था, लेकिन स्थिति में कोई ठोस बदलाव देखने को नहीं मिला।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह इलाका प्रशासनिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कानून के अनुपालन और अवैध निर्माण पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता के लिहाज से एक गंभीर विषय हो सकता है।
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