[ परशुराम जयंती स्पेशल / विशेष रिपोर्ट ]
स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जन्मस्थली परशुरामपुरी (पूर्व जलालाबाद) आज अपनी खोई हुई सांस्कृतिक पहचान वापस पा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण हेतु ₹18 करोड़ की वृहद परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य जुलाई 2026 तक कायाकल्प पूर्ण करना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर: मंदिर परिसर में सत्संग भवन, मल्टीपर्पस हॉल, भव्य प्रवेश द्वार, डॉरमेट्री और पार्किंग का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ पिंक शेड स्टोन वर्क, लिफ्ट, साउंड सिस्टम और सीसी रोड जैसी हाई-टेक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का संदेश: उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार धार्मिक धरोहरों को संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2025 में शाहजहाँपुर आने वाले 60 लाख पर्यटकों की संख्या यह दर्शाती है कि परशुरामपुरी अब वैश्विक धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर मजबूती से उभर रही है।
अपर मुख्य सचिव का बयान: अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की महत्वपूर्ण कड़ी है। सरकार यहाँ श्रद्धालुओं को एक समग्र तीर्थ अनुभव प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन दोनों को बल मिलेगा।
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