ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा
लखनऊ | 10.04.2026
लखनऊ के सरोजिनी नगर ने देश में औद्योगिक हरित क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘नेट ज़ीरो इंडस्ट्री’ पहल का शुभारंभ किया। “द ग्रीन शिफ्ट” अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री खन्ना ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय और पूर्वानुमान आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समस्याओं के उत्पन्न होने का इंतजार करने के बजाय, सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ पहले से समाधान तैयार करना समय की मांग है।
इस अवसर पर सरोजिनी नगर के विधायक ने ‘नेट ज़ीरो इंडस्ट्री मिशन’ का अनावरण करते हुए #NetZeroSarojiniNagar2040 विजन को क्रियान्वयन का स्वरूप दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक और लाभकारी मॉडल है, जो उद्योगों को सतत विकास का नेतृत्वकर्ता बनाएगा।
डॉ. सिंह के नेतृत्व में तैयार नेट ज़ीरो रोडमैप पाँच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—नेट ज़ीरो स्कूल एवं कॉलेज, सोसायटी एवं आरडब्ल्यूए, टाउनशिप, इंडस्ट्री और गांव एवं सरोवर। इनमें ‘नेट ज़ीरो इंडस्ट्री’ को सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ माना गया है, जिसका आज औपचारिक शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और संगठनों—Radico Khaitan, Jakson Renewable, SLMG Beverages Pvt. Ltd. सहित अन्य संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे उद्योग जगत की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से सामने आई।
विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों ने यह स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन का सीधा प्रभाव उद्योगों पर पड़ रहा है। हीट स्ट्रेस से कार्यघंटों में 5–6% की कमी, प्रदूषण के कारण 8–10% उत्पादकता हानि और एमएसएमई को प्रति ₹1 करोड़ टर्नओवर पर ₹5–10 लाख तक का नुकसान हो रहा है। सरोजिनी नगर औद्योगिक क्षेत्र में यह नुकसान ₹100 करोड़ वार्षिक तक पहुंच चुका है।
हालांकि, ‘नेट ज़ीरो इंडस्ट्री’ पहल इसे चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखती है। रूफटॉप सोलर से ऊर्जा लागत में 30% तक कमी, दक्षता सुधार से 50% तक बचत और कार्बन क्रेडिट से अतिरिक्त आय जैसे कई लाभ उद्योगों को मिल सकते हैं।
उद्योगों को सहयोग देने के लिए व्यापक तंत्र भी स्थापित किया गया है, जिसमें सरकारी योजनाएं, ग्रीन फाइनेंसिंग, रियायती ऋण, विशेषज्ञ परामर्श और तकनीकी सहायता शामिल है। इसके साथ ही 5 जून को ‘द ग्रीन शिफ्ट इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस अवॉर्ड’ की घोषणा की गई है, जिसमें सर्वश्रेष्ठ इकाई को ₹5 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा।
कार्यक्रम में उद्योगों के लिए “Detect → Design → Deploy → Deliver” मॉडल को अपनाने का आह्वान किया गया, जिससे कार्यान्वयन को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नेट ज़ीरो अब कोई दूर का सपना नहीं, बल्कि एक मापनीय और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरोजिनी नगर की यह पहल देशभर में एक मॉडल के रूप में स्थापित होगी।
यह पहल के पंचामृत संकल्प और के नेतृत्व में प्रदेश की नीतियों के अनुरूप है, जो नीति और क्रियान्वयन के सशक्त समन्वय को दर्शाती है।
सरोजिनी नगर अब विकेंद्रीकृत जलवायु कार्रवाई का एक उदाहरण बनकर उभर रहा है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय नेतृत्व, औद्योगिक सहभागिता और सुव्यवस्थित योजना के माध्यम से भारत के सतत भविष्य की दिशा तय की जा सकती है।
नेट ज़ीरो 2040 की दिशा में सरोजिनी नगर का यह कदम देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनता नजर आ रहा है। 🇮🇳
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