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“जहां नारियों की पूजा होती है, अर्थात सम्मान दिया जाता है, वहां देवता निवास करते हैं।”


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻 

वक्ताओं ने कहा कि आज नारी शक्ति को जो कुछ भी मिल रहा है, वह उसका अधिकार है, जो लंबे समय से प्रतीक्षित था। भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में यह निर्णय ऐतिहासिक है और आधी आबादी इसका स्वागत करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने से देश ने महिला सशक्तिकरण के एक नए युग में प्रवेश किया है।

उन्होंने बताया कि यह अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 19 सितंबर 2023 को नए संसद भवन में इस विधेयक को प्रस्तुत किया गया था, जिसे लोकसभा में भारी बहुमत (454 बनाम 2) से पारित किया गया, जबकि राज्यसभा में सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली।

वक्ताओं ने कहा कि यह कानून देश की दिशा और दशा बदलने वाला है, जो उन करोड़ों महिलाओं के सपनों को पंख देगा, जो राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “किसी समाज की प्रगति का आकलन उसकी महिलाओं की स्थिति से किया जा सकता है।”

इसके साथ ही बताया गया कि वर्ष 2014 से महिला सशक्तिकरण को लेकर अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। इनमें स्वच्छता के तहत शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत महिलाओं को आवास का स्वामित्व, उज्ज्वला योजना के माध्यम से निःशुल्क गैस कनेक्शन, घर-घर जल आपूर्ति तथा तीन तलाक के विरुद्ध कानून जैसे कदम शामिल हैं, जिन्होंने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


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