ब्यूरो चीफ: प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️
बलरामपुर: जनपद में रिक्त हुई आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका की भर्ती प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आती दिख रही है। सरकार द्वारा हाई-मेरिट और निर्धन वर्ग को प्राथमिकता देने के लिए पारदर्शी व्यवस्था तो बनाई गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर परिणामों के प्रकाशन में हो रही देरी ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूची चस्पा न होने से बढ़ी शंका: जानकारी के अनुसार, भर्ती की मेरिट सूची तो तैयार कर ली गई है, लेकिन इसे पूरे जनपद में कहीं भी सार्वजनिक रूप से चस्पा नहीं किया गया। मार्च माह में केवल तीन ब्लॉकों का चयन कर प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जबकि शेष विकास खंडों की चयन प्रक्रिया का परिणाम अब तक लंबित है।
गंभीर आरोप: कई अभ्यर्थियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग जान-बूझकर परिणाम जारी करने में विलंब कर रहा है। आरोप है कि सुविधा शुल्क के फेर में प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। सूची गुप्त रखने से धांधली की आशंका प्रबल हो रही है।
अधिकारी की चुप्पी: इस गंभीर मुद्दे पर जब जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तेखार खान से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि शेष ब्लॉकों की सूची जारी नहीं हुई है और चयनित लोगों को सीडीपीओ के माध्यम से फोन पर सूचना दी जाएगी। हालांकि, सूची चस्पा न किए जाने के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
अभ्यर्थियों की मांग है कि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह सार्वजनिक किया जाए और मेरिट सूची को ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय पर चस्पा किया जाए ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
• भर्ती प्रकार: कार्यकत्री एवं सहायिका.
• विवाद: मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं.
• आरोप: सुविधा शुल्क के लिए देरी.
• 03 ब्लॉकों में वितरण संपन्न.
• शेष ब्लॉक परिणाम से वंचित.
• विभाग की कार्यशैली पर सवाल.
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