शाहजहांपुर। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस के सचिव डॉ. विजय जोहरी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को वैश्विक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, बीमारियों की रोकथाम करने तथा लोगों के स्वास्थ्य स्तर को ऊँचा उठाने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग एवं महामारी नियंत्रण की आवश्यकता को देखते हुए इसका गठन हुआ।
डॉ. जोहरी ने बताया कि रेडक्रॉस का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य को एक मौलिक मानवाधिकार के रूप में स्थापित करना है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने “मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार” के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित भोजन, स्वच्छ पानी एवं आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को आवश्यक बताया।
उन्होंने जानकारी दी कि रेडक्रॉस की स्थापना वर्ष 1863 में स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा में युद्ध के मैदान में घायल सैनिकों की सेवा के उद्देश्य से हुई थी, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय भी जेनेवा में ही स्थित है।
इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, आबू पर्वत (राजस्थान) की स्थानीय शाखा शाहजहांपुर की क्षेत्रीय संचालिका ब्रह्माकुमारी बहन चरिता दीदी ने कहा कि रेडक्रॉस की सोच “मानवता के पक्ष में” है, जो बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति के स्वास्थ्य और गरिमा की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एक मौलिक अधिकार है, जिसे किसी भी परिस्थिति—चाहे वह युद्ध, आपदा या गरीबी हो—में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
गोष्ठी में ब्रह्माकुमारी बहन विनीता दीदी, मीनू मिश्रा, बालकृष्ण पांडे, बृजेश गुप्ता, हर्षित मिश्रा, सादिक हुसैन, सुबोध, राममिलन भूरे, रवि कुसुम, प्रेमादेवी, अनुज जोहरी, अग्रज जोहरी, अवनीश सक्सेना सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में रेडक्रॉस सचिव डॉ. विजय जोहरी ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए मानव सेवा के कार्यों में सहयोग की अपील की।
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