ब्यूरो रिपोर्ट: राजन भारती
लखनऊ जनपद के काकोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत डिघिया गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की जमीनी हकीकत यहां के हालात बयां कर रहे हैं।
गांव की नालियां पूरी तरह कीचड़ और गंदगी से भरी पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि ग्रामीणों को रोजाना इसी गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। जगह-जगह जलभराव और उठती बदबू ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कोई नियमित सफाई व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मी कभी नजर नहीं आते, जिसके चलते लोगों को मजबूरन खुद ही नालियों की सफाई करनी पड़ती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब भी प्रधान को फोन किया जाता है, तो वह कॉल रिसीव नहीं करते, जिससे उनकी समस्याएं लगातार अनसुनी बनी हुई हैं।
बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और लापरवाह अधिकारियों व जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
डिघिया गांव की यह स्थिति न सिर्फ स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के दावों की भी पोल खोलती नजर आ रही है।
गांव की बदहाल सफाई व्यवस्था ने खोली स्वच्छ भारत मिशन की पोल, नालियों का गंदा पानी सड़कों पर
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