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बहराइच में 'तेल त्रासदी': पेट्रोल पंपों पर लटके 'No Stock' के बोर्ड; लंबी कतारों में खड़ी जनता बेहाल, प्रशासन मौन

[ जन-सरोकार / बहराइच ग्राउंड रिपोर्ट ]

ब्यूरो चीफ: शास्त्र तिवारी, बहराइच ✍️

बहराइच | 18 अप्रैल, 2026 सच की आवाज न्यूज़ - ग्राउंड जीरो

हराइच जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है। सुबह की पहली किरण के साथ ही पंपों पर वाहनों का जो हुजूम उमड़ रहा है, वह घंटों इंतजार के बाद 'नो स्टॉक' का बोर्ड देख मायूस होकर लौट रहा है।

ठप पड़ा जनजीवन: पेट्रोल-डीजल के इस संकट से न केवल निजी वाहन चालक बल्कि स्कूल बसें, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और व्यापारिक लोडर भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आपातकालीन सेवाओं पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जो जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

जनता का फूटा गुस्सा: स्थानीय लोगों का कहना है कि कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद ईंधन नहीं मिल रहा है। कई पंपों पर तो तेल न मिलने को लेकर नोंकझोंक की स्थिति भी पैदा हो रही है। आम जनता अब सीधे तौर पर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है।

प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक:
इतनी गंभीर समस्या के बावजूद अब तक जिला प्रशासन या खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या सप्लाई बहाली का ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। जनता पूछ रही है कि आखिर इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है?

निष्कर्ष: बहराइच की यह “तेल त्रासदी” अब विकराल रूप ले चुकी है। यदि जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब अपनी नींद से जागता है और जनता को इस संकट से मुक्ति दिलाता है।

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