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सरोजनीनगर में RSS का भव्य पथ संचलन, 5000 स्वयंसेवकों की भागीदारी

 


ब्यूरो रिपोर्ट :- शशांक मिश्रा
प्रेस विज्ञप्ति 1 - दिनांक: 05 अप्रैल 2026

सरोजनीनगर/लखनऊ। सरोजनीनगर स्थित सैनिक स्कूल मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में रविवार को भव्य पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 5000 से अधिक स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना से ओतप्रोत नजर आया।


कार्यक्रम में सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों के अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, जो भारतीय संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।


उन्होंने कहा कि “राष्ट्र प्रथम” की भावना से प्रेरित यह पथ संचलन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। संचलन के दौरान स्वयंसेवकों की एकजुटता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

इस अवसर पर क्षेत्र की मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। यह दृश्य सामाजिक एकता और राष्ट्रप्रेम का प्रेरणादायक उदाहरण बना।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए किला मोहम्मदी ड्रेन रिमॉडलिंग परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 176 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से आशियाना सहित आसपास के क्षेत्रों की लगभग ढाई लाख की आबादी को राहत मिलेगी।

इसके साथ ही वृंदावन योजना में 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से एआई सिटी सेंटर परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, जो आने वाले समय में क्षेत्र को डिजिटल हब के रूप में विकसित करेगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया जा रहा है, जिसमें अशोक लीलैंड की फैक्ट्री एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

शिक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय पहल की जा रही है। विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास की स्थापना के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए क्षेत्र में महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना कर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

यह पथ संचलन कार्यक्रम न केवल अनुशासन और संगठन का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश भी प्रसारित करता नजर आया।

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