बलरामपुर नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम झारखंडी क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण की विधिक सुगबुगाहट के बीच स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की बड़ी चिंताओं को जिला प्रशासन ने अत्यंत संवेदनशीलता से संज्ञान में लिया है। निर्माण कार्य की प्रारंभिक रूपरेखा के तहत सेतु निगम और कार्यदायी संस्था द्वारा की जा रही सड़क नपाई से दोनों तरफ के सैकड़ों व्यापारियों की दुकानों और नागरिकों के विधिक आवासों पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए नगर पालिका परिषद के चेयरमैन डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू' ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल के शीर्ष पदाधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रतिभाग किया।
बैठक के दौरान चेयरमैन डॉ. धीरू ने प्रभावित हो रहे दुकानदारों और आमजन की आशंकाओं को अत्यंत गंभीरतापूर्वक सुना। नपाई के कारण उत्पन्न हो रहे भय को दूर करते हुए उन्होंने मौके से ही संबंधित विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को कड़े विधिक निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका क्षेत्र के भीतर किसी भी नागरिक के विधिक अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा और विकास की योजना ऐसी बने जिससे व्यापारियों का अहित न हो।
| ⚖️ प्रशासनिक एवं विधिक अंकुश | 📌 स्थानीय हितधारकों के लिए सुरक्षा कवच |
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• समन्वय बैठक अनिवार्य: ओवरब्रिज निर्माण के संबंध में कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पूर्व प्रभावित व्यापारियों के साथ पुनः विस्तृत बैठक की जाएगी। • बिना सहमति कार्रवाई पर रोक: प्रशासन या सेतु निगम द्वारा अग्रिम कदम उठाने से पहले स्थानीय भू-स्वामियों और दुकानदारों की विधिक सहमति ली जाएगी। |
• न्यूनतम क्षति का विज़न: ओवरब्रिज का नक्शा और पिलर की योजना इस प्रकार तैयार की जाए, जिससे व्यापारियों के प्रतिष्ठान और नागरिकों के आशियाने न्यूनतम प्रभावित हों। • रोजगार की रक्षा: दशकों पुराने व्यापारिक ठिकानों को उजाड़ने से पहले उनके विधिक पुनर्वास और जनहित के पहलुओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। |
चेयरमैन डॉ. धीरू के इस कड़े और जन-हितैषी रुख के बाद पिछले कई दिनों से भयभीत चल रहे झारखंडी क्षेत्र के व्यापारियों और मकान स्वामियों ने राहत की सांस ली है। इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल रमेश पाहवा, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा सहित नगर पालिका परिषद के सम्मानित सभासदगण, व्यापारिक संगठनों के नोडल पदाधिकारी और भारी संख्या में क्षेत्र के दुकानदार व नागरिक मुस्तैदी से उपस्थित रहे। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने व्यापारियों के हितों की रक्षा का पुख्ता विधिक भरोसा देने के लिए चेयरमैन का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया।
"जनहित, व्यापारियों का आर्थिक सम्मान और हमारे सम्मानित नागरिकों के विधिक अधिकारों की रक्षा करना मेरी और नगर पालिका परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहर के सुचारू यातायात के लिए विकास कार्य और ओवरब्रिज अत्यंत जरूरी हैं, लेकिन किसी का अहित कर या बिना स्थानीय नागरिकों की सहमति के कोई भी तानाशाही या अंतिम विधिक फैसला धरातल पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। विकास जनता के सुख के लिए होता है, उन्हें उजाड़ने के लिए नहीं।"
गौरतलब है कि झारखंडी क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन घनी आबादी और प्रमुख व्यापारिक बाजार होने के कारण इसके एलाइनमेंट को लेकर तकनीकी पेच फंसा हुआ है। चेयरमैन के इस हस्तक्षेप के बाद अब नगर पालिका प्रशासन, राजस्व विभाग और सेतु निगम की संयुक्त टीम नए सिरे से सर्वे की समीक्षा करेगी, जिसमें जन-सामान्य को कम से कम विधिक और भौतिक असुविधा होने का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
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लखनऊ
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