लखनऊ। प्रांतीय राजधानी के अत्यधिक पॉश व संवेदन-प्रवण परिक्षेत्र थाना गोमतीनगर के अंतर्गत सृजन विहार कॉलोनी से एक अत्यंत दुःखद, विचलित करने वाली और विसंगतिपूर्ण घटना पटल पर आई है। यहाँ रहकर अध्ययनरत एक १६ वर्षीय किशोरी द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटककर आत्महत्या किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। घटना की विलेखीय सूचना मिलते ही स्थानीय गोमतीनगर थाना पुलिस कमान आला अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल भारी लाव-लश्कर व फोरेंसिक नोडल दस्तों के साथ मौके पर मुस्तैद हुई। पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से भौतिक सर्विलांस करते हुए साक्ष्यों को कस्टडी में ले लिया है तथा शव का विधिक पंचायतनामा भरकर अग्रिम प्रविष्टि हेतु मर्चरी भेजा है।
प्राप्त प्रामाणिक आधिकारिक विलेख प्रविष्टि के अनुसार, दिनांक २८/२९.०५.२०२६ की मध्य रात्रि करीब १२:३० बजे आगंतुक रितेश रंजन चौबे ने गोमतीनगर थाने उपस्थित होकर सूचित किया कि उनके निजी ड्राइवर अभिषेक सक्सेना की पुत्री **पारुल (उम्र लगभग १६ वर्ष)**, जो सृजन विहार कॉलोनी स्थित **डॉ. सुशील त्रिवेदी के निजी आवास** पर रहकर पढ़ाई कर रही थी, उसने आत्मघाती कदम उठा लिया है। इस विलेखीय सूचना पर पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आया।
| 📊 मृतका प्रोफाइल, स्थान एवं घटना का समयक्रम | ⚖️ विधिक कस्टडी कार्रवाई एवं फोरेंसिक साक्ष्य संकलन |
|---|---|
|
• मृतका का नाम: पारुल (उम्र करीब १६ वर्ष), मेधावी छात्रा। • पारिवारिक विवरण: अभिषेक सक्सेना (पिता), जो रितेश रंजन चौबे के यहाँ ड्राइवर पद पर कार्यरत हैं। • घटना स्थल प्रविष्टि: डॉ. सुशील त्रिवेदी का संस्थान/आवास, सृजन विहार कॉलोनी, थाना गोमतीनगर, लखनऊ। • हादसे का समय: दिनांक २८.०५.२०२६ की शाम लगभग ०७:३० बजे कमरे के भीतर पंखे से लटककर विसंगति। |
• शुरुआती ऐक्शन विलेख: डॉ. सुशील त्रिवेदी से संपर्क स्थापित कर घर में मौजूद लोगों व गवाहों के बयान दर्ज। • साक्ष्य सुरक्षा सर्विलांस: विशेष फोरेंसिक उड़नदस्ते द्वारा घटना स्थल के फिंगरप्रिंट्स व डिजिटल फुटप्रिंट्स एकत्र। • विधिक शव विनिमय: मृतका का विलेख पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम ग्रिड हेतु कस्टडी में प्रेषित किया गया। • जांच का मुख्य क्लॉज: आत्महत्या के मूल कारणों व गहन परिस्थितियों की बहुआयामी नोडल ट्रैकिंग जारी। |
घटना स्थल पर उपस्थित डॉ. सुशील त्रिवेदी ने पुलिस कमान को बताया कि मृतका पारुल उनके संस्थान में ही संरक्षण पाकर अपनी उच्च स्कूली शिक्षा पूरी कर रही थी। २८ तारीख की शाम करीब ७:३० बजे जब उसने कमरे के भीतर आत्मघाती कदम उठाया, तो घर में मौजूद लोगों द्वारा आनन-फानन में फंदे से मृतका को नीचे उतारा गया तथा दूरभाष के जरिए तत्काल मृतका के मूल पिता अभिषेक सक्सेना को विलेखीय विसंगति से अवगत कराया गया। गोमतीनगर पुलिस कमान अब इस बिंदु पर भी गहन सर्विलांस कर रही है कि शव को पुलिस के आगमन से पूर्व नीचे उतारे जाने में कोई विधिक साक्ष्य अमर्यादित रूप से प्रभावित तो नहीं हुआ।
"सृजन विहार कॉलोनी में १६ वर्षीय किशोरी पारुल द्वारा की गई खुदकुशी की घटना अत्यंत संवेदनशील व हृदयविदारक है। सूचना प्राप्त होते ही गोमतीनगर थाना नोडल बल ने मौके पर पहुंचकर कमान संभाली है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने कमरे के भौतिक साक्ष्यों, प्रयुक्त फंदे के रेशों और घटनाक्रम के रीयल-टाइम रोस्टर का विलेख संकलित कर लिया है। मृतका के पिता अभिषेक सक्सेना और संस्थान प्रमुख डॉ. सुशील त्रिवेदी के विलेखीय बयानों का मिलान कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पटल पर आने के उपरांत मृत्यु के सही कारणों की विधिक पुष्टि होगी; यदि कोई भी विसंगति या उकसावे का साक्ष्य मिला, तो सुशासनात्मक जीरो टॉलरेंस के तहत कड़ा ऐक्शन सुनिश्चित किया जाएगा।" — कमिश्नरेट पुलिस जनसंपर्क एवं कानून व्यवस्था कमान बुलेटिन
गोमतीनगर मुख्य प्रभाग, सृजन विहार आवासीय अंचल, पत्रकारपुरम व विभूतिखंड संपर्क मार्ग ग्रिड, हुड़ियादरा व चिनहट आउटर सर्किल, जियामऊ व कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल, उच्च न्यायालय व जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न छात्र कल्याण संगठनों तथा जागरूक नागरिक सुरक्षा मंचों ने गोमतीनगर पुलिस द्वारा तत्काल फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्यों को कस्टडी में सुरक्षित करने के विधिक कदम की सराहना की है। 'सच की आवाज वेब न्यूज' शोकाकुल पीड़ित पिता व स्वजनों के प्रति अपनी गहरी मानवीय संवेदनाएं प्रेषित करता है। जिला कलेक्ट्रेट मानसिक स्वास्थ्य समन्वय एवं शांति सेल ने पुनः संपूर्ण जागरूक अभिभावकों, छात्र-छात्राओं व प्रबुद्ध नागरिकों से वैधानिक व भावुक अपील की है कि मेधावी युवा पीढ़ी पर परीक्षाओं या अध्ययन का अमर्यादित व विसंगतिपूर्ण मानसिक तनाव कतई न हावी होने दें। यदि आपके आस-पास या शिक्षण संस्थानों में कोई भी किशोर अवसाद, अकेलेपन या व्यवहारिक विसंगति के दौर से गुजरता परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल उसे उचित नोडल काउंसिलिंग प्रेषित करें अथवा जिला शासकीय कमान, बाल संरक्षण सेल या नोडल राष्ट्रीय आपातकालीन रिस्पॉन्स कमान नंबर **'११२'** पर संपर्क स्थापित कर सहयोग प्राप्त करें। आपकी समयबद्ध संवेदनशीलता ही सुशासित लखनऊ के स्वर्णिम भविष्य की अभेद्य ढाल है।
"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
0 Comments