शाहजहाँपुर। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय अब अपनी अनूठी सांस्कृतिक पहचान, अकादमिक विलेख और आधुनिक पाठ्यक्रमों के कलेक्टिव विकास को एक नई कमान ऊंचाई देने जा रहा है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, संस्थागत साख एवं प्रशासनिक नवाचार को कलेक्टिव रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कुलपति प्रोफेसर पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए विभिन्न विलेखीय और महत्वपूर्ण विषयगत समितियों का गठन कर दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक विलेखीय आदेश के अनुसार, संस्थान की वैचारिक पहचान को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए 'लोगो, झंडा एवं ध्येय वाक्य' (Motto) के निर्धारण हेतु एक विशेष कमान समिति बनाई गई है। इस समिति में **प्रोफेसर आलोक मिश्रा** को समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) की कमान सौंपी गई है, जबकि प्रोफेसर अजीत सिंह चारग, डॉ. अर्चना गर्ग एवं डॉ. प्रज्ज्वल पुंडीर को सदस्य के रूप में विलेखीय दायित्व दिए गए हैं। यह हाई-लेवल कमेटी विश्वविद्यालय के गौरवमयी मूल्यों को संजोने वाले प्रतीकों का चयन करेगी।
विश्वविद्यालय के गरिमामयी इतिहास को सुरों में पिरोने के लिए **'कुलगीत निर्माण समिति'** का गठन किया गया है, जिसकी कमान समन्वयक डॉ. कविता भटनागर को दी गई है। इस विलेखीय समिति में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. इंदु अजनबी को बाह्य सदस्य तथा डॉ. प्रमोद यादव को आंतरिक सदस्य के रूप में कलेक्टिव जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नई शिक्षा नीति (NEP) के कड़े प्रावधानों के अनुरूप अत्याधुनिक, डिजिटल व रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के निर्माण हेतु गठित **'पाठ्यक्रम निर्धारण समिति'** का नेतृत्व भी प्रो. आलोक मिश्रा को सौंपा गया है।
| 📋 समिति का कमान नाम | 👑 नियुक्त समन्वयक | 👥 नामित विलेखीय सदस्य मंडल |
|---|---|---|
| विश्वविद्यालय लोगो, ध्वज एवं ध्येय वाक्य समिति | प्रो. आलोक मिश्रा | प्रो. अजीत सिंह चारग, डॉ. अर्चना गर्ग, डॉ. प्रज्ज्वल पुंडीर |
| विश्वविद्यालय कुलगीत निर्माण समिति | Dr. कविता भटनागर | डाॅ. इंदु अजनबी (बाह्य सदस्य), डॉ. प्रमोद यादव |
| नवीन पाठ्यक्रम निर्धारण कलेक्टिव कमेटी | प्रो. आलोक मिश्रा | प्रो. मीना शर्मा, प्रो. शालीन कुमार सिंह, प्रो. देवेंद्र सिंह, डॉ. आलोक कुमार सिंह, डॉ. प्रांजल शाही, श्री राजनंदन सिंह राजपूत, डॉ. आदर्श पांडेय |
पाठ्यक्रम निर्धारण कलेक्टिव कमेटी को यह विशेष विलेखीय निर्देश दिए गए हैं कि वे समय की मांग को देखते हुए ऐसे कॉर्पोरेट और तकनीकी कोर्सेज का विलेख तैयार करें जो विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कमान स्तर पर सीधे रोजगार से जोड़ सकें। इस ऐतिहासिक कलेक्टिव पहल को लेकर विश्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। अकादमिक काउंसिल के सदस्यों का मानना है कि इन दूरदर्शी कदमों से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान स्थापित होगी।
"स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय को देश के अग्रणी और उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों की कमान कतार में खड़ा करना हमारा कलेक्टिव संकल्प है। किसी भी विश्वविद्यालय के लिए उसकी संस्थागत संरचना, सांस्कृतिक प्रतीक और आधुनिक समय के अनुकूल प्रगतिशील पाठ्यक्रम उसकी आत्मा होते हैं। नवगठित कलेक्टिव समितियां पूरी निष्ठा और विलेखीय रिसर्च के साथ अपनी दीर्घकालिक विकास योजनाओं को कमान गति प्रदान करेंगी, जिससे हमारे विद्यार्थियों का भविष्य स्वर्णिम हो सके।" — प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, माननीय कुलपति
विश्वविद्यालय प्रशासन के इस त्वरित कमान एक्शन के बाद सभी कमेटियों ने अपने-अपने विलेखीय एजेंडे पर कलेक्टिव काम करना शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो आगामी शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही इन सभी विलेखों को अंतिम रूप देकर बोर्ड ऑफ स्टडीज के समक्ष कमान अनुमोदन हेतु प्रस्तुत कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों को इसका लाभ ससमय मिल सके।
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