शाहजहाँपुर। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत खरीफ अभियान को कमान स्तर पर सफल बनाने और अन्नदाताओं की फसलों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए शासन की मंशा के अनुरूप एक वृहद विलेखीय खाका तैयार किया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार द्वारा जारी आधिकारिक विलेख के अनुसार, जनपद में इस समय व्यापक स्तर पर **'भूमिशनोधन एवं बीजशोधन अभियान'** संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य फसलों को शुरुआती दौर में ही कलेक्टिव सुरक्षा प्रदान कर किसानों की खेती लागत को कमान स्तर पर कम करना है।
अक्सर यह देखा जाता है कि फसलों के पकने या बढ़ने के समय जब विभिन्न हानिकारक कीट, रोग और व्याधियां आक्रमण करती हैं, तो फसलों को भारी कलेक्टिव क्षति पहुंचती है। उस आपातकालीन स्थिति में उनके तात्कालिक नियंत्रण के लिए कृषकों को बेहद महंगी दरों पर अत्यधिक मात्रा में रसायनों का अंधाधुंध छिड़काव करना पड़ता है, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है बल्कि किसानों की कमान लागत भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाती है। कृषि वैज्ञानिकों एवं कमान प्रशासन का विलेखीय निष्कर्ष है कि यदि बुवाई से पूर्व ही वैज्ञानिक पद्धति से बीज व भूमि का कलेक्टिव शोधन कर लिया जाए, तो बेहद कम खर्च में फसल को पूर्ण सुरक्षित किया जा सकता है।
• भूमिशोधन (रसायनिक व जैविक): रासायनिक विधि के अंतर्गत *कारटाप हाइड्रोक्लोराइड की 18 किग्रा मात्रा प्रति हेक्टेयर* की दर से प्रयोग करें। जैविक विधि में फफूंदनाशक *ट्राइकोडर्मा (2.50 किग्रा प्रति हेक्टेयर)* को 65-75 किग्रा सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर, हल्के पानी का छींटा देकर 8-10 दिन छाया में रखने के बाद आखिरी जुताई पर मिट्टी में मिला दें। इससे जड़ गलन, तना सड़न, उकठा, झुलसा, दीमक, सफेद गिडार, कटवर्म और सूत्रकृमि का कलेक्टिव सफाया हो जाता है।
• बीजशोधन विलेख: रासायनिक विधि से बुवाई पूर्व 2.5 ग्राम थीरम 75% डी.एस. अथवा कार्बेन्डाजिम 50% डब्लू.पी. 2 ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से शोधित करें। जैविक विधि हेतु ट्राइकोडर्मा 4-5 ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से प्रयोग करें, जिससे बीज गलन व फाल्स स्मट का कमान नियंत्रण सुनिश्चित होता है।
| 📋 अधिकृत रसायन / विलेख नाम | 💰 देय कलेक्टिव अनुदान | 🏛️ कमान वितरण एवं भुगतान केंद्र |
|---|---|---|
| बीजशोधन एवं भूमिशोधन हेतु समस्त रसायन (थीरम, कार्बेन्डाजिम व जैविक ट्राइकोडर्मा) | 75% भारी छूट / अनुदान | जनपद के सभी विकास खंडों की राजकीय कृषि रक्षा इकाइयों पर पर्याप्त उपलब्धता। *अनुदान राशि सीधे DBT के माध्यम से लाभार्थी किसान के बैंक खाते में जाएगी। |
| कारटाप हाइड्रोक्लोराइड (कीटनाशक रसायन) | 50% कमान अनुदान |
जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने स्पष्ट विलेखीय निर्देश जारी करते हुए कहा है कि खरीफ सीजन की मुख्य फसलों विशेषकर धान और मोटे अनाजों को रोगों से बचाने के लिए यह सर्वथा उपयुक्त कमान समय है। विभाग द्वारा सभी विकास खंडों की विलेखीय कृषि रक्षा इकाइयों पर रसायनों और जैविक निवेशों की कलेक्टिव आवक सुनिश्चित कर दी गई है। स्टॉक की कोई कमी नहीं है। किसान भाई किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं और सीधे सरकारी गोदामों से प्रामाणिक विलेख के साथ कमान दरों पर सामग्री प्राप्त कर रसीद अवश्य लें।
"शासन की मंशा के अनुरूप शाहजहाँपुर के प्रत्येक पात्र किसान तक डीबीटी (DBT) का कलेक्टिव लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना हमारा विलेखीय उत्तरदायित्व है। खरीफ फसलों में लगने वाले उकठा, फाल्स स्मट और तना सड़न जैसे भयानक रोगों को केवल शुरुआती शोधन प्रक्रिया से ही कमान स्तर पर रोका जा सकता है। सभी किसान भाई इस 75 प्रतिशत तक के महा-अनुदान का लाभ उठाएं, अपनी भूमि को विषमुक्त और फसलों को रोगमुक्त बनाने के कलेक्टिव विलेख में भागीदार बनें।" — संजय कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, शाहजहाँपुर
इस अत्यंत महत्वपूर्ण शासकीय कमान सूचना को जनहित में अधिक से अधिक प्रसारित करने हेतु सहायक सूचना निदेशक शाहजहाँपुर को भी विलेखीय रूप से प्रतिलिपि प्रेषित की गई है, ताकि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले छोटे से छोटे काश्तकार भी इस कलेक्टिव कमान योजना के प्रति जागरूक हो सकें और अपनी फसलों को समय रहते विलेखीय सुरक्षा घेरा दे सकें।
"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"
Sach Ki Awaz Web News एक स्वतंत्र और विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो निष्पक्ष, सटीक और तेज़ खबरें पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य समाज से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना किसी पक्षपात के उजागर करना और जनता की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करना है। हमारी टीम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की खबरों को सत्यापन के साथ प्रकाशित करती है, ताकि आपको मिले भरोसेमंद और प्रभावशाली जानकारी—सबसे पहले।
0 Comments