[ सख्त एक्शन: प्रशासनिक समीक्षा बैठक | शाहजहाँपुर ]
ब्यूरो रिपोर्ट: योगेंद्र सिंह यादव (स्टेट ब्यूरो हेड), उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहाँपुर के विकास भवन सभागार में आयोजित स्थानीय निकाय की बैठक में जिलाधिकारी **धर्मेंद्र प्रताप सिंह** का रौद्र रूप देखने को मिला। 'फार्मर रजिस्ट्रीकरण' कार्य की धीमी प्रगति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसान हित के कार्यों में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम के कड़े निर्देश और कार्रवाई:
• प्रशासनिक कार्रवाई: काम में ढिलाई बरतने वाले सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) और तहसीलदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
• निलंबन: जिन क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्रीकरण की प्रगति सबसे खराब मिली, वहां के संबंधित लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया।
• स्वच्छ सर्वेक्षण 2026: निकायों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की निगरानी अब क्यूआर कोड (QR Code) आधारित सत्यापन व्यवस्था से होगी।
राजस्व और विकास योजनाओं पर जोर: बैठक में कर वसूली की धीमी रफ्तार पर भी डीएम ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने हेतु प्रभावी कदम उठाने को कहा। वहीं, वंदन योजना और नगरीय विकास परियोजनाओं के तहत जिन कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, उन्हें अविलंब शुरू करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्रा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार और सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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