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आग़ा बाखार इमामबाड़े में मौला मीसम ज़ैदी ने करबला के पैग़ाम और इंसानियत का संदेश किया बयान

 

ब्यूरो रिपोर्ट सय्यद अल-यूसुफ रिज़वी ✍️

लखनऊ, 20 जून 2026। 4 मुहर्रम के मौके पर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की बहन बीबी ज़ैनब as औन ओ मोहम्मद (स.अ.) के साहबज़ादों की शहादत की याद में पुरानी मंडी स्थित विक्टोरिया स्ट्रीट के आग़ा बाखार इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया।

मजलिस को खिताब करते हुए जनाब मौला मीसम ज़ैदी साहब ने करबला के पैग़ाम पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि बीबी ज़ैनब (स.अ.) द्वारा अपने दोनों बेटों को राह-ए-हक़ में कुर्बान करना त्याग, सब्र और वफादारी की ऐसी मिसाल है जो क़यामत तक इंसानियत का मार्गदर्शन करती रहेगी।

उन्होंने हज़रत मुहम्मद मुस्तफा (स.अ.व.) और मौला अली (अ.स.) के फज़ाइल बयान करते हुए कहा कि करबला हमें हक़ और बातिल के बीच फर्क समझाती है तथा इंसानियत, सब्र, कुर्बानी और सच्चाई का संदेश देती है।

मजलिस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर शहीदान-ए-करबला को खिराज-ए-अकीदत पेश की। आयोजकों ने बताया कि यह सिलसिला 1 मुहर्रम से 9 मुहर्रम तक लगातार जारी रहेगा, जिसमें रोजाना मजलिसों और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

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