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औचक निरीक्षण में दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, एक को कारण बताओ नोटिस

 


ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️

बलरामपुर, 29 जुलाई। किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने एवं उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जनपद में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में औचक निरीक्षण के दौरान दो उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिए गए, जबकि एक विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

जिला कृषि अधिकारी उपेन्द्र नाथ खरवार एवं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए (कृषि) द्वारा संयुक्त रूप से तहसील उतरौला के पेहर बाजार स्थित उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मैसर्स अमन खाद भंडार पर टीम के पहुंचने से पहले ही दुकान बंद मिली। विभाग के अनुसार विक्रेता मौके से अनुपस्थित था, जिसके कारण स्टॉक एवं अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो सका। स्थानीय किसानों द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बिक्री की शिकायत भी किए जाने का उल्लेख करते हुए विभाग ने संबंधित विक्रेता का उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

इसके बाद खुशहाली कृषि सेवा केन्द्र के निरीक्षण में पीओएस मशीन एवं उपलब्ध यूरिया का स्टॉक सही पाया गया, लेकिन प्रतिष्ठान पर स्टॉक बोर्ड एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित नहीं मिले। इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।

वहीं इस्माइल ट्रेडर्स, पेहर बाजार के निरीक्षण के दौरान भी विभाग के अनुसार विक्रेता उपलब्ध नहीं मिला, जिससे स्टॉक एवं वितरण अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो सका। निरीक्षण में सहयोग न करने एवं जांच कार्य में बाधा उत्पन्न करने के आधार पर संबंधित विक्रेता का उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र भी निलंबित कर दिया गया।

जिला कृषि अधिकारी उपेन्द्र नाथ खरवार ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री, स्टॉक एवं वितरण में अनियमितता अथवा निरीक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का पालन करने, स्टॉक एवं रेट बोर्ड अद्यतन रखने तथा उर्वरक निर्धारित मूल्य पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने किसानों से भी अपील की कि उर्वरक खरीदते समय निर्धारित मूल्य की जानकारी प्राप्त करें, प्रत्येक खरीद की रसीद लें तथा यदि कोई विक्रेता अधिक मूल्य वसूलता है, किसी अन्य उत्पाद को अनिवार्य रूप से खरीदने का दबाव बनाता है या अन्य अनियमितता करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें।

नोट: यह समाचार कृषि विभाग, बलरामपुर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

— सच की आवाज़ वेब न्यूज़

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