जिला संवाददाता कल्लू उर्फ रजनीश, लखनऊ ✍️
लखनऊ, 30 जुलाई। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की काकोरी थाना पुलिस ने लूट के दो मामलों में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 19 मार्च 2026 को थाना काकोरी में लूट की दो अलग-अलग घटनाओं के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पहले मामले में शिकायतकर्ता सुमित तिवारी, निवासी अटेर ससपन, थाना रहीमाबाद ने आरोप लगाया था कि अज्ञात बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल (UP32 KT 6754) और पॉक्सो कंपनी का मोबाइल फोन मारपीट कर लूट लिया। इस संबंध में थाना काकोरी पर मुकदमा संख्या 103/2026 धारा 309(6) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।
इसी दिन दूसरे मामले में मनोज, निवासी मौंदा, थाना काकोरी ने शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात बदमाशों ने उनकी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (UP32 NW 2814), पैन कार्ड तथा ₹3,000 नकद मारपीट कर लूट लिए। इस मामले में मुकदमा संख्या 104/2026 धारा 309(6) बीएनएस के तहत पंजीकृत किया गया था।
दोनों मामलों में वांछित आरोपी की तलाश के दौरान 30 जुलाई 2026 को काकोरी पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम मोहम्मदपुर बेलवारन, संडीला मार्ग से रंजीत कन्नौजिया (21 वर्ष) निवासी पानी की टंकी, मोहल्ला पठानगढ़ी, कस्बा काकोरी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर कस्बा काकोरी स्थित राम प्रसाद बिस्मिल स्कूल के पास एक खाली प्लॉट से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (UP32 NW 2814) बरामद की गई। जांच में सामने आया कि वाहन का रंग एवं स्वरूप बदल दिया गया था, ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके। बरामद मोटरसाइकिल मुकदमा संख्या 104/2026 में लूटी गई वही मोटरसाइकिल है।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 104/2026 में धारा 309(6), 317(2), 318(4), 238 बीएनएस तथा मुकदमा संख्या 103/2026 में धारा 309(6), 317(2) बीएनएस के अंतर्गत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की है।
यह गिरफ्तारी प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अंकित यादव, उपनिरीक्षक प्रदीप यादव, कांस्टेबल वीर बहादुर, अजीत कुमार, सूरज गंगवार तथा महिला कांस्टेबल ज्योति सिंह की टीम द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी पर लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय माननीय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक निर्दोष माना जाएगा।
नोट: यह समाचार पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।
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