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डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने की गोसंरक्षण, स्वच्छता, ग्राम्य विकास एवं एनआरएलएम योजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध कार्यों के दिए निर्देश

 

ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर ✍️

बलरामपुर, 31 जुलाई। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गोसंरक्षण एवं पशुचिकित्सा विभाग, जिला स्वच्छता समिति, ग्राम्य विकास विभाग तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में 72 स्थायी एवं अस्थायी गोआश्रय स्थल, 3 वृहद गो संरक्षण केंद्र, 3 कान्हा गौशाला तथा 10 कांजी हाउस संचालित हैं, जिनमें कुल 13,142 गोवंशों का संरक्षण किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गोआश्रय स्थलों पर हरे चारे, स्वच्छ पेयजल एवं नियमित पशु चिकित्सा सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि गोवंशों के संरक्षण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

समीक्षा के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने यह भी बताया कि सहभागिता योजना के अंतर्गत जनपद के 219 पशुपालकों को 313 दुधारू गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों को योजना से जोड़ा जाए तथा सुपुर्द किए गए गोवंशों की नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने विकासखंडवार पशुओं के टीकाकरण, उपचार एवं पशु चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि टीकाकरण अभियान निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए तथा प्रत्येक विकासखंड में पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाएं शीघ्र तैयार कर समयबद्ध रूप से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का प्रभावी एवं व्यवहारिक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

जिला स्वच्छता समिति की समीक्षा में ग्रामीण स्वच्छता अभियान की प्रगति का आकलन करते हुए जिलाधिकारी ने स्वच्छता गतिविधियों के नियमित अनुश्रवण तथा ग्राम पंचायतों में जनसहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं मार्केट लिंकिंग मजबूत करने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें। साथ ही विभिन्न विपणन प्लेटफॉर्म एवं सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

नोट: यह समाचार जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

— सच की आवाज़ वेब न्यूज़

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