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ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रहा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार, उत्तर प्रदेश बना आत्मनिर्भरता का उदाहरण


स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

शाहजहाँपुर, 13 नवम्बर 2025।
ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

यह योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्थायी आजीविका से जोड़ना है। पूर्व में संचालित योजनाओं की कमियों को दूर करते हुए इस मिशन की शुरुआत की गई, जिससे समूह गठन, प्रशिक्षण, ऋण वितरण और पेशेवर क्रियान्वयन में व्यापक सुधार आया है।

उत्तर प्रदेश में इस योजना का संचालन ग्राम्य विकास विभाग के तहत गठित उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रत्येक गरीब परिवार की कम-से-कम एक महिला को स्वयं सहायता समूह (Self Help Group - SHG) के माध्यम से संगठित कर आत्मनिर्भर बनाना है।

मिशन के तीन मुख्य आधार हैं —
1️⃣ आजीविका के विकल्पों में वृद्धि करना।
2️⃣ रोजगारोन्मुख कौशल विकास को बढ़ावा देना।
3️⃣ स्वरोजगार और लघु उद्यमिता को प्रोत्साहित करना।

वर्तमान में प्रदेश के 75 जनपदों के 826 विकास खंडों में यह मिशन क्रियान्वित हो रहा है। अब तक 98 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों की महिलाएँ 8.93 लाख स्वयं सहायता समूहों, 62,837 ग्राम संगठनों और 3,272 संकुल स्तरीय संघों से जुड़ चुकी हैं।

मिशन के तहत—

  • 7,32,409 स्वयं सहायता समूहों को 1213 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड प्रदान किया गया है।
  • 6,07,965 समूहों को 7095 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि दी गई है।
  • 8,40,187 समूहों को 9068 करोड़ रुपये का बैंक ऋण कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया गया है।

यह मिशन ग्रामीण महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि उन्हें नेतृत्व, स्वावलंबन और सामाजिक भागीदारी की दिशा में भी आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यह योजना सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।

✳️ “हर गांव में सशक्त महिला समूह — आत्मनिर्भर भारत की पहचान।”

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