स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने प्रदेश के आशा और आशा संगिनी कर्मियों के लंबित प्रोत्साहन राशियों, आधारभूत वेतन और अन्य सुविधाओं के भुगतान में विलंब के विरोध में सरकार को अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस भेजा है।
यूनियन के अनुसार, वर्ष 2025 के कई महीनों का आधारभूत वेतन, राज्य और राष्ट्रीय अभियानों के लिए प्रोत्साहन राशि, तथा अन्य लाभ अभी तक कर्मियों को नहीं मिल पाए हैं। कई स्तरों पर शिकायत और अनुरोध करने के बावजूद इनका समाधान नहीं किया गया।
यूनियन की मुख्य मांगें:
- वर्ष 2025 का बकाया आधारभूत वेतन, प्रोत्साहन राशि और अभियानों के योगदान का तत्काल भुगतान।
- आशा और आशा संगिनी को मानद स्वयंसेवक न मानते हुए सरकारी कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत किया जाना और न्यूनतम वेतन लागू किया जाना।
- आशा एवं आशा संगिनी कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआई का सदस्य बनाया जाए।
- सेवा निवृत्ति पर पेंशन/रिटायरमेंट लाभ सुनिश्चित किया जाए।
- स्वास्थ्य बीमा 10 लाख और जीवन बीमा 50 लाख रूपये सुनिश्चित किया जाए।
- कार्य की सीमा स्पष्ट करते हुए बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं।
- न्यूनतम वेतन लागू होने तक आशा कर्मियों को 21,000 रुपये और आशा संगिनी को 28,000 रुपये दिया जाए।
- आशा संगिनी कर्मियों को भ्रमण यात्रा भत्ता दिया जाए या स्कूटी उपलब्ध कराई जाए।
यूनियन के पदाधिकारी संजना सिंह, निशा दीक्षित, सगीता सिंह, रोशनी, सोनी हिंद, कमला देवी ने कहा कि यदि सरकार द्वारा इन मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 15 दिसंबर 2025 से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
नोट: यूनियन ने साफ़ किया कि हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी सरकारी अनदेखी और मिशन निदेशालय की मनमानी पर होगी।

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