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ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण के साथ रक्षा क्षेत्र की नई ऊँचाइयों पर पहुँचा उत्तर प्रदेश


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

उत्तर प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास कार्यों ने राज्य को Development और Defence दोनों क्षेत्रों में एक नई पहचान प्रदान की है। कानून-व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार और कुशल नेतृत्व ने प्रदेश को निवेश, औद्योगिक विकास तथा रक्षा निर्माण का सशक्त केंद्र बनाया है। आज उत्तर प्रदेश हर चुनौती का सामना करने हेतु पूर्णतः तैयार है।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, जो अपनी तहजीब और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, अब तकनीक, उद्योग और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का महत्त्वपूर्ण हब बन चुका है। हाल ही में अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड से ब्रह्मोस मिसाइल के प्रथम बैच का सफलतापूर्वक फ्लैग-ऑफ किया गया, जो इस क्षेत्र में प्रदेश के अभूतपूर्व उभार का प्रतीक है।

स्वदेशी ब्रह्मोस – सुरक्षा, सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

लखनऊ में निर्मित यह स्वदेशी सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल न केवल देशवासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भारत की सैन्य क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है। यह मिसाइल न केवल भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने में सहायक होगी, बल्कि भविष्य में मित्र देशों की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता भी रखती है।

डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर — उत्तर प्रदेश के विकास का नया अध्याय

वर्ष 2018 में आयोजित प्रथम इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित दो डिफेंस कॉरिडोर में से एक उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित किया गया था।
प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट—इन छह नोड्स में डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में प्रगति लगातार तेज हो रही है।

लखनऊ नोड में ब्रह्मोस यूनिट में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक युवा रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
प्रदेश के इन 06 नोड्स में 15,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान करता है।

रक्षा उत्पादन में यूपी की मजबूत पकड़

प्रदेश सरकार अब तक डिफेन्स कॉरिडोर हेतु 2,500 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध करा चुकी है
इसके साथ-साथ—

  • अमेठी में AK-203 असॉल्ट राइफल का निर्माण
  • वेब्ले-स्कॉट रिवॉल्वर निर्माण
    भी सफलतापूर्वक जारी है।

यदि प्रतिवर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण होता है और उत्पादन क्षमता बढ़कर 150 मिसाइल प्रतिवर्ष तक पहुँचती है, तो प्रदेश को 150 से 200 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष GST के रूप में प्राप्त होंगे।

झांसी में नया औद्योगिक कॉरिडोर – प्रदेश को मिलेगा और बढ़ा औद्योगिक बल

प्रदेश सरकार द्वारा झांसी में 56,000 एकड़ भूमि पर एक नए औद्योगिक कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। झांसी और चित्रकूट, दोनों ही एक्सप्रेस-वे से जुड़े नोड होने के कारण डिफेन्स इंडस्ट्री के लिए अत्यंत अनुकूल स्थान बन चुके हैं।
साथ ही, आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू में डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित Centre of Excellence की स्थापना पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।



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