शाहजहाँपुर। उप निदेशक पंचायती राज, बरेली के निर्देश पर राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत विकासखंड भावलखेड़ा के सभागार में ग्राम पंचायतों के स्वयं के आय स्रोत बढ़ाने विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया। कार्यशाला में ग्राम प्रधानों, पंचायत सहायकों एवं सचिवों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। प्रथम दिवस प्रतिभागियों का परिचय प्राप्त कर “स्वयं के आय स्रोत” की अवधारणा, उद्देश्य एवं महत्व पर संवाद किया गया। इस दौरान ओएसआर (Own Source of Revenue) से ग्राम पंचायतों को होने वाले लाभ और ग्राम विकास में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
मास्टर ट्रेनर अमित कुमार ने बताया कि संविधान में स्थानीय सरकार के रूप में ग्राम पंचायतों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, लेकिन आय के सीमित साधनों के कारण गांव अपेक्षित विकास नहीं कर पा रहे हैं। यदि ग्राम पंचायतें अपने स्वयं के आय स्रोत सुदृढ़ कर लें तो वे आत्मनिर्भर बन सकती हैं। वहीं मास्टर ट्रेनर राहुल देव सागर ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से ग्राम पंचायतों द्वारा आय सृजन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
द्वितीय दिवस मास्टर ट्रेनर मुकेश दीक्षित ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से पंचायत भवन से ही ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की जानकारी दी। साथ ही भविष्य में पंचायत भवनों में आधार सेंटर स्थापित होने और उनसे मिलने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।
प्रशिक्षण के अंत में मास्टर ट्रेनर अमित गंगवार द्वारा टीएमपी पोर्टल पर प्रतिभागियों की परीक्षा कराई गई तथा सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यशाला के माध्यम से ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
लखनऊ
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