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23 जनवरी को कलेक्ट्रेट परिसर में होगा ब्लैकआउट मॉकड्रिल, तैयारियों को लेकर प्रशासन ने की समीक्षा बैठक


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

शाहजहाँपुर।

उ०प्र० दिवस एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली ब्लैकआउट मॉकड्रिल को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार ने की। बैठक में 23 जनवरी 2026 को सायं 06:00 बजे से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रस्तावित ब्लैकआउट मॉकड्रिल की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि नागरिक सुरक्षा के तहत यह मॉकड्रिल नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी भी आपातकालीन या आकस्मिक स्थिति, विशेषकर हवाई हमले जैसी परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की तत्काल प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्यकुशलता का परीक्षण करना है।

बैठक में नगर मजिस्ट्रेट ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मॉकड्रिल के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न हो।

उन्होंने बताया कि मॉकड्रिल के सफल आयोजन हेतु सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ अपने-अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। साथ ही निर्देश दिए गए कि मॉकड्रिल के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों/आपदा मित्रों को चिन्हित किया जाए तथा निर्धारित तिथि से पूर्व इसका पूर्वाभ्यास भी कराया जाए।


नगर मजिस्ट्रेट ने मॉकड्रिल की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यास के दौरान—

  • हवाई हमले की चेतावनी हेतु 2 मिनट तक ऊँची-नीची आवाज में सायरन बजाया जाएगा।
  • सायरन बजते ही सभी निर्धारित भवनों/स्थलों की विद्युत आपूर्ति बंद कर ब्लैकआउट किया जाएगा।
  • नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थानों/शेल्टरों में शरण ली जाएगी।
  • खतरा समाप्त होने पर ऑल क्लियर सायरन बजाया जाएगा।
  • नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग पर काबू पाने हेतु फायर एक्सटिंग्यूशर का प्रयोग किया जाएगा, जबकि बड़ी आग के लिए फायर सर्विस द्वारा फायर टेंडर का उपयोग किया जाएगा।
  • हमले के पश्चात घायल व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • क्षतिग्रस्त भवनों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा तथा गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य जनपद में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।



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