लखनऊ।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की बहुचर्चित अनंतनगर आवासीय योजना में प्यारेपुर गांव के किसानों ने पेड़ और ट्यूबवेल के मुआवजा निर्धारण में गंभीर धांधली का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि मूल्यांकन में भारी असमानता बरती गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने पेड़ों के मूल्यांकन की सूची दिखाते हुए आरोप लगाया कि एक ही प्रजाति के आम के पेड़ों का मूल्य अलग-अलग किसानों के लिए अलग तय किया गया है। जहां कुछ किसानों के आम के पेड़ों का मूल्य 12,965 रुपये लगाया गया है, वहीं अन्य किसानों के उसी आकार व गुणवत्ता के आम के पेड़ों का मूल्य मात्र 8,872 व 6542रुपये निर्धारित किया गया है।
इसी तरह ट्यूबवेल और बोरिंग के मूल्यांकन में भी भारी अंतर सामने आया है। किसानों के अनुसार, एक ट्यूबवेल का मूल्यांकन 1,89,120 रुपये किया गया है, जबकि दूसरे किसान की बोरिंग का मूल्य मात्र 17,335 रुपये लगाया गया। किसानों का कहना है कि पक्का गड्ढा और पूरी संरचना होने के बावजूद जानबूझकर कम मूल्यांकन किया गया।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के अधिकारी मनमाने ढंग से मूल्यांकन कर रहे हैं और इसमें पारदर्शिता पूरी तरह से नदारद है। पीड़ित किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और एक समान मानकों के आधार पर पुनर्मूल्यांकन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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