शाहजहाँपुर।
महानगर क्षेत्र में संचालित डेयरी को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित किए जाने की मांग को लेकर सहयोग संस्था शाहजहाँपुर ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संस्था ने जनहित का हवाला देते हुए कहा कि गली-मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर चल रही डेयरी के कारण शहर में यातायात, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
सहयोग संस्था ने बताया कि डेयरी संचालकों की गाय-भैंस सड़कों और गलियों में खुलेआम घूमती रहती हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनती है। कई बार वाहन चालकों को मजबूरी में रुकना पड़ता है और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में चालान भी हो जाता है। इसके साथ ही सड़कों पर गोबर फैलने से पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
संस्था का कहना है कि सुबह के समय डेयरी में धुलाई के दौरान गोबर सीधे नालियों में बहा दिया जाता है, जिससे नालियां चोक हो जाती हैं और जलभराव की समस्या पैदा होती है। स्कूली छात्र-छात्राएं जब साइकिल या स्कूटी से स्कूल व ट्यूशन जाते हैं, तो आवारा भैंसों के कारण उनके साथ दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। कई मामलों में वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं और लोग घायल भी हुए हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भैंसों के कारण धार्मिक स्थल हनुमत धाम के आसपास की सड़कें और स्थान गंदगी से प्रभावित रहते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। साथ ही गलियों में पाली जा रही भैंसों से निकलने वाली मीथेन गैस को भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है।
सहयोग संस्था ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सभी डेयरी को महानगर की सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाए और डेयरी संचालकों को शहर के बाहर उपयुक्त स्थान आवंटित किया जाए। संस्था का कहना है कि इससे न केवल शहरवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
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