लखनऊ, 16 फरवरी 2026:
योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के प्रति प्रतिपक्ष के व्यवहार को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘राज्यपाल’ प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है और इस पद के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक संवैधानिक प्रमुख के प्रति प्रतिपक्ष, विशेषकर मुख्य प्रतिपक्ष का हालिया आचरण न केवल लोकतंत्र को कमजोर करता है, बल्कि यह संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख हस्तियों की अवमानना की श्रेणी में भी आता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन उसे मर्यादा और संवैधानिक दायरे में रहकर व्यक्त किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करें तथा स्वस्थ राजनीतिक परंपराओं को बनाए रखें।
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