ब्यूरो रिपोर्ट: अंकुल गुप्ता, सीतापुर ✍️
Sitapur। सकरन क्षेत्र में ग्राम पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार और गौशालाओं की बदहाल स्थिति को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मानवाधिकार सहायता संघ और किसान संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है।
आरोप है कि ग्राम पंचायत बगहाढाख के अस्थायी गौ आश्रय स्थल में मृत गौवंशों के शव खुले में पड़े हैं, जिनका न तो उचित निस्तारण किया जा रहा है और न ही उन्हें दफनाया जा रहा है। खुले में पड़े शवों को जानवरों द्वारा नोचे जाने की घटनाओं से जहां धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, वहीं संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
वहीं ग्राम पंचायत कंकरकुई में विकास कार्यों के नाम पर लगभग 40 लाख रुपये के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। संगठन का दावा है कि कई निर्माण कार्य मानकविहीन हैं और कुछ काम केवल कागजों में ही पूरे दिखाए गए हैं।
इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर संगठन के जिलाध्यक्ष राजकुमार मिश्रा सहित कई पदाधिकारी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, अनशन जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया न आने से स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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