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काकोरी के तेजकिशन खेड़ा स्थित वृहद गौशाला में निरंतर विकास, स्वस्थ गोवंश से क्षेत्र में खुशी

ब्यूरो रिपोर्ट राज बहादुर, लखनऊ ✍️

लखनऊ। काकोरी क्षेत्र के तेजकिशन खेड़ा गांव स्थित वृहद गौशाला में लगातार विकास कार्यों के चलते क्षेत्र में सराहना का माहौल है। गौशाला में चिकित्सा टीम द्वारा निरीक्षण किया गया, जिसमें गोवंश की स्थिति संतोषजनक पाई गई।

गौशाला को दो वर्ष पूर्व गोद लेने वाली संस्था पूजा सहकारी श्रम संविदा एवं निर्माण समिति लिमिटेड की संचालिका सुश्री नीरज शर्मा के नेतृत्व में यहां निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार गौशाला में व्यवस्थाएं बेहतर होने से गोवंश स्वस्थ और सुरक्षित हैं।

निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा टीम ने गोवंशों की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, डिवार्मिंग, बधियाकरण एवं पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार गौशाला में वर्तमान में 821 गोवंश संरक्षित हैं और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।

संचालिका नीरज शर्मा ने बताया कि गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर से गमले तैयार कर उनमें सब्जियों का उत्पादन करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही गोबर से लट्ठे बनाकर ईंट भट्ठों एवं श्मशान घाटों में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और गौशाला के विकास हेतु आय का स्रोत भी बनेगा।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा गौवंशों के चारे के लिए आर्थिक सहायता समय पर मिलने से व्यवस्थाएं सुचारु बनी हुई हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों का मार्गदर्शन भी लगातार मिल रहा है।

पशु चिकित्सालय काकोरी के अधिकारी डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में गौशाला की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि गौवंशों के लिए 6 एकड़ भूमि पर घास लगाने की योजना है, जिसमें से 2 एकड़ में नैपियर घास पहले ही बोई जा चुकी है, जो पशुओं के लिए अत्यंत लाभकारी है।

गौशाला को आत्मनिर्भर और आदर्श बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में यह एक मिसाल बनती जा रही है।

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